Home Chhattisgarh news तलाक का आदेश रद्द, पति-पत्नी एक ही भवन में अलग-अलग रहेंगे: हाईकोर्ट का निर्णय

तलाक का आदेश रद्द, पति-पत्नी एक ही भवन में अलग-अलग रहेंगे: हाईकोर्ट का निर्णय

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तलाक का आदेश रद्द, पति-पत्नी एक ही भवन में अलग-अलग रहेंगे: हाईकोर्ट का निर्णय

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक विवाहित जोड़े के बीच हुए आपसी समझौते को वैध ठहराते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा दिया गया तलाक का आदेश निरस्त कर दिया है। यह फैसला दुर्ग जिले से जुड़े एक मामले में आया है, जिसमें पति और पत्नी एक ही घर की अलग-अलग मंजिलों पर रहने के लिए सहमत हुए हैं। पति ग्राउंड फ्लोर पर तो पत्नी फर्स्ट फ्लोर पर निवास करेंगी।

यह मामला तब शुरू हुआ जब पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत तलाक की अर्जी दी थी, जिसे फैमिली कोर्ट ने 9 मई 2024 को मंजूर कर लिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की सहमति से एक लिखित समझौता प्रस्तुत किया गया।

घर के खर्च और जिम्मेदारियां साझा

समझौते के अनुसार, दोनों अपने-अपने हिस्से की बिजली, पानी, संपत्ति कर और मरम्मत का खर्च खुद उठाएंगे। पति और पत्नी के बीच यह भी तय हुआ कि वे एक-दूसरे की निजी आय, बैंक खाता या खर्चों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यदि कोई निर्माण या बदलाव करना हो, तो संबंधित पक्ष को 30 दिन पूर्व सूचना देना आवश्यक होगा, जब तक वह साझा क्षेत्र को प्रभावित न करे।

स्वतंत्र सामाजिक जीवन की छूट

दोनों को अपने सामाजिक जीवन और यात्रा की स्वतंत्रता होगी और कोई भी एक-दूसरे को पारिवारिक या सामाजिक आयोजनों में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं करेगा। यदि पत्नी को चिकित्सा सुविधाओं के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत हो, तो पति उसकी सहायता करेगा, जबकि खर्च वह स्वयं वहन करेंगी।

कोर्ट ने समझौते को बताया रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश

जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने इस सहमति को विवाह विच्छेद के स्थान पर एक संतुलित और मर्यादित संबंध बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में कोई पक्ष समझौते का उल्लंघन करता है, तो पीड़ित पक्ष न्यायालय में पुनः याचिका दायर कर सकता है।