रायपुर – राजधानी रायपुर में महज तीन दिन की बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। नालियों की सफाई समय पर नहीं होने से रिंग रोड और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। खासकर तेलीबांधा से टाटीबंध और नंदनवन अटारी क्षेत्र तक पानी भर गया। चंदनीडीह और शंकरनगर जैसे इलाकों में भी जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई।
राजनीतिक कारणों से अटका बड़ा नाला प्रोजेक्ट
रिंग रोड के दोनों ओर घनी आबादी के बावजूद नालों की सफाई न होने से यह स्थिति बनी है। दो साल पहले जिस नाले का निर्माण होना था, वह राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ गया। यही वजह है कि भारी बारिश के दौरान रिंग रोड की सड़कें झील जैसी नजर आईं। इस कारण नगर निगम को पत्राचार कर स्थिति संभालने की कोशिश करनी पड़ी।
तालाब किनारे के नालों से सबसे ज्यादा दबाव
नए बस स्टैंड के सामने स्थित कॉलोनियों में हर साल पानी भर जाता है। इसकी मुख्य वजह महाराजबंध और सरयूबांधा तालाब की दिशा से आने वाले नालों का अत्यधिक दबाव है। इसके चलते सुभाषनगर, परशुराम नगर और प्रोफेसर कॉलोनी जैसे इलाकों में रातभर लोग पानी की चिंता में जागते हैं। जोन-6 के अधिकारियों के अनुसार, 1 करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया गया है। मौसम खुलते ही नाला निर्माण की खुदाई शुरू की जाएगी, जिससे पानी को सीधे रिंग रोड की ओर मोड़ा जा सके।
शहर के हर जोन में जलभराव के रेड ज़ोन
रायपुर नगर निगम के लगभग सभी जोनों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
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जोन-1 में कोयला बस्ती, विजय नगर, न्यू आनंद नगर जैसे क्षेत्र प्रभावित हैं।
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जोन-2 में वाल्मिकी नगर, नहरपारा, देवेन्द्र नगर और फाफाडीह इलाके जलमग्न हो गए।
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जोन-3 में अनुपम नगर, गांधी नगर और तीन मुंह नाला क्षेत्र में पानी भरा।
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जोन-4 के जयस्तंभ चौक, बाम्बे मार्केट और कटोरा तालाब क्षेत्र जलभराव की चपेट में आए।
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जोन-5 में प्रोफेसर कॉलोनी और मिलेनियम चौक जैसे इलाके प्रभावित हैं।
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जोन-6 के आछी तालाब, विधायक विश्राम गृह और धरम नगर में भारी जलभराव हुआ।
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जोन-7 से 10 तक गोकूल नगर, सालासार ग्रीन्स, दलदल सिवनी, चंडी नगर जैसे क्षेत्रों में भी यही हाल रहा।
महापौर की सख्त चेतावनी
महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि जलभराव को हर हाल में रोका जाए। सभी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर संसाधन जैसे मशीन, मजदूर, बोल्डर और पंपों की व्यवस्था की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि नागरिकों को नुकसान हुआ तो जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: बारिश ने नगर निगम की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते नालों की सफाई और निर्माण कार्य नहीं होता, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं