Home Chhattisgarh news Bastar news दंतेवाड़ा में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़: हैदराबाद से चोरी कर बस्तर में बेचने की साजिश, तीन गिरफ्तार

दंतेवाड़ा में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़: हैदराबाद से चोरी कर बस्तर में बेचने की साजिश, तीन गिरफ्तार

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दंतेवाड़ा में बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़: हैदराबाद से चोरी कर बस्तर में बेचने की साजिश, तीन गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पुलिस ने बाइक चोरी के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह के सदस्य हैदराबाद से बाइक चोरी कर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के साथ बस्तर क्षेत्र में बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 7.5 लाख रुपए मूल्य की 5 बाइक और फर्जी आरसी बनाने वाली प्रिंटर मशीनें बरामद की हैं। गिरोह का एक मुख्य आरोपी अभी फरार है।

चेकिंग के दौरान खुला राज

यह कार्रवाई गीदम थाना क्षेत्र में उस समय हुई जब पुलिस एक लाल रंग की स्प्लेंडर बाइक की जांच कर रही थी। चालक गुलशन नाहटा ने वाहन से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखाया, जिससे पुलिस को शक हुआ। जांच में पता चला कि बाइक पर लगा नंबर एक अल्टो कार का है। पूछताछ में गुलशन ने खुलासा किया कि बाइक हैदराबाद से चोरी की गई थी।

गैराज से मिलीं चार और चोरी की बाइक

गुलशन की निशानदेही पर पुलिस ने उसके गैराज से दो बुलेट, एक पल्सर और एक अन्य स्प्लेंडर बाइक बरामद की। पूछताछ में उसने तीन अन्य साथियों – रिज्जू के.जे., प्रवीण गोलछा और कैलाश निषाद – के नाम बताए। इनमें से दो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि प्रवीण गोलछा फरार है और उसकी तलाश जारी है।

फर्जी नंबर प्लेट और RC बुक से कर रहे थे सौदा

गिरोह चोरी की बाइक पर कार के फर्जी नंबर प्लेट लगाता था और CSC सेंटर संचालक कैलाश निषाद के जरिए नकली आरसी बुक तैयार की जाती थी। इसके लिए वह इंटरनेट से रैंडम वाहन नंबर उठाकर आरसी को डिजिटल रूप से एडिट करता था, यहां तक कि फर्जी चिप की फोटो भी लगाई जाती थी।

बिक्री से पहले दबोचा गिरोह

गिरोह की योजना थी कि चोरी की बाइकें गांवों में बेच दी जाएं ताकि किसी को शक न हो। सौदा तय हो चुका था और बाइकें बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही गीदम पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया।

पुलिस टीम और अधिकारियों की भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय पटेल, एसआई शशिकांत यादव, एएसआई संतोष यादव, और उनकी टीम शामिल थी। एसडीओपी गोविंद दीवान इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। एसपी गौरव राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया और बताया कि गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी जांच जारी है।