छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राजधानी रायपुर के सेजबहार स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में अत्याधुनिक आई-हब (इनोवेशन हब) की स्थापना कर रही है। इसका वर्चुअल शुभारंभ 22 जून को किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे। इस परियोजना के लिए शुरुआती तौर पर 5 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
उद्यमिता को मिलेगा प्लेटफॉर्म
यह हब युवाओं के नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां स्टार्टअप आइडिया के चयनित होने पर 10 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब तक 136 इनोवेटिव प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें कृषि, स्वास्थ्य, एआई और मशीन लर्निंग से जुड़े समाधान प्रमुख हैं। कुछ प्रस्तावों की प्रस्तुति उपमुख्यमंत्री के समक्ष भी हो चुकी है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हब
आई-हब में 50 कंप्यूटरों के साथ हाई-स्पीड इंटरनेट, बिजली, प्रोफेशनल वर्कस्पेस, रिसर्च लैब और इनक्यूबेशन स्पेस की सुविधा दी गई है। इसका नेतृत्व प्रोफेसर एच. तालवेकर कर रहे हैं, जिन्हें सीईओ नियुक्त किया गया है। यह हब गुजरात आई-हब की तर्ज पर विकसित हो रहा है, जहां 350 से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं।
व्यापक सहयोग और मार्गदर्शन
यह हब तकनीकी रूप से दक्ष लेकिन व्यवसायिक रणनीति में मार्गदर्शन चाहने वाले युवाओं के लिए वरदान साबित होगा। यहां निवेशक, बैंकर और मार्केटिंग विशेषज्ञों का नेटवर्क भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे छात्रों को संपूर्ण सपोर्ट मिल सके।
बौद्धिक संपदा और पेटेंट की जानकारी भी मिलेगी
आई-हब के अंतर्गत छात्रों को आईपीआर और पेटेंट संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
प्रोटोटाइप के लिए प्रारंभिक फंडिंग
किसी भी व्यावहारिक और उपयोगी आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए शुरुआती तौर पर 2.5 लाख रुपए तक की फंडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि उसका प्रोटोटाइप या विकास कार्य शुरू किया जा सके।
यह हब प्रदेश के युवाओं को न केवल उनके इनोवेशन को आकार देने में मदद करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।