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छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को नहीं मिल रहा न्याय, अधिकारियों की मनमानी से आक्रोश

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छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को नहीं मिल रहा न्याय, अधिकारियों की मनमानी से आक्रोश

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में श्रमिकों के हितों की अनदेखी और अधिकारियों की मनमानी को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। सर्व विभागीय दैनिक श्रमिक कल्याण संघ के बैनर तले शहीद उद्यान (गार्डन), विधानसभा रोड में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राकेश साहू और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेशाध्यक्ष रोजीला परवीन ने की।

बैठक में श्रमिकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें यह खुलासा हुआ कि विधानसभा संभाग अंतर्गत कार्यरत लगभग 700 दैनिक श्रमिकों में से सिर्फ 243 को ही श्रम सम्मान राशि प्राप्त हो रही है। जबकि फरवरी माह के लिए निधि का आवंटन हो चुका है, फिर भी अधिकांश श्रमिक इस लाभ से वंचित हैं। इससे श्रमिकों में जबरदस्त आक्रोश है।

ईपीएफ सुविधा और नियमितीकरण पर भी चर्चा

बैठक में यह भी सामने आया कि कई श्रमिकों का अभी तक पीएफ (ईपीएफ) यूएएन नंबर जारी नहीं हुआ है, जिससे वे भविष्य निधि के लाभ से वंचित हैं। साथ ही, नियमितीकरण और स्थायीत्व से जुड़े मामलों को लेकर चल रहे न्यायालयीन प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। श्रमिक नेताओं ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और अनियमितता के चलते स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।

नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और आंदोलन की चेतावनी

बैठक में प्रसल्भ त्रिपाठी को विधानसभा संभाग अध्यक्ष तथा वंदना देवहरे को महिला संभाग अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसके अलावा यह निर्णय भी लिया गया कि यदि संबंधित विभाग समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं करता, तो श्रमिक संघ विधानसभा संभाग कार्यालय का घेराव करेगा।

श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक सभी श्रमिकों को श्रम सम्मान राशि, ईपीएफ लाभ और स्थायीत्व से जुड़ा न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।