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छत्तीसगढ़: स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की राह खुली, विधानसभा में तीन अहम विधेयक पारित

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छत्तीसगढ़: स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की राह खुली, विधानसभा में तीन अहम विधेयक पारित

राजधानी रायपुर, नया रायपुर और दुर्ग-भिलाई को मिलाकर छत्तीसगढ़ सरकार अब एक समग्र राजधानी क्षेत्र (State Capital Region – SCR) के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी के बीच छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक पारित कर दिया गया। यह NCR (नेशनल कैपिटल रीजन) की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में योजनाबद्ध शहरी विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने की मंशा के साथ लाया गया है।

यह प्राधिकरण क्षेत्र की योजनाएं तैयार करेगा, विभिन्न सरकारी एवं निजी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को गति देगा और शहरीकरण के बढ़ते दायरे को नियंत्रित करने का कार्य करेगा।


जनविश्वास विधेयक भी पास: छोटे तकनीकी उल्लंघनों पर अब केस नहीं, सिर्फ जुर्माना

इसके साथ ही सदन ने छत्तीसगढ़ जनविश्वास विधेयक को भी पारित कर दिया। मध्यप्रदेश के बाद ऐसा विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश कालीन कई पुराने कानूनों को आसान बनाना और आम नागरिकों व कारोबारियों को राहत देना है।

अब छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर सिर्फ आर्थिक दंड की श्रेणी में रखा जाएगा। इससे न केवल अनावश्यक कानूनी कार्रवाई रुकेगी बल्कि अदालतों पर बोझ भी कम होगा।

इस विधेयक में कुल 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किए गए हैं, जिसमें नगर प्रशासन, ग्राम निवेश, सोसायटी पंजीकरण, औद्योगिक संबंध और आबकारी कानून शामिल हैं।

विशेष प्रावधान:

  • सार्वजनिक स्थल पर पहली बार शराब पीने पर अब सिर्फ जुर्माना लगेगा, बार-बार अपराध पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है।

  • किराया बढ़ाने पर सूचना न देने पर अब सिर्फ ₹1000 तक का जुर्माना।

  • सोसायटी द्वारा वार्षिक रिपोर्ट में देरी पर अब केवल नाममात्र का जुर्माना।


आर्थिक मजबूती के लिए ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड

सरकार ने छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड विधेयक 2025 भी पारित कर दिया है। इसके तहत एक अलग फंड बनाया जाएगा जिसका उद्देश्य है राज्य के राजस्व संसाधनों, खनिज संपदा और परिसंपत्तियों का बेहतर प्रबंधन करना।

यह फंड आर्थिक अस्थिरता या मंदी के समय राज्य की वित्तीय स्थिति को स्थिर रखने में मदद करेगा और इससे दीर्घकालिक विकास को गति मिलेगी।


बोरे-बासी घोटाले की होगी विधायक समिति से जांच

सदन में आखिरी दिन भाजपा विधायक राजेश मूणत ने 1 मई 2023 को रायपुर साइंस कॉलेज मैदान में हुए बोरे-बासी महोत्सव पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

मूणत ने कहा कि इस आयोजन के नाम पर 8 करोड़ रुपये मजदूरों की योजनाओं से खर्च कर दिए गए। उन्होंने बताया कि केवल 5 घंटे के कार्यक्रम में 8.14 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिनमें 1.10 करोड़ का डोम और 75 लाख का भोजन शामिल था।

मंत्री ने मानी गड़बड़ी:
मंत्री गुरू रुद्रकुमार ने सदन में स्वीकार किया कि कार्यक्रम में अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने बताया कि समय की कमी के चलते बिना टेंडर के काम विस्तृत इंटरप्राइजेज को सौंपा गया। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच विधायक समिति के माध्यम से करवाई जाएगी और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।


निष्कर्ष:

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित ये तीन विधेयक — राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जनविश्वास विधेयक, और ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड — राज्य में प्रशासनिक सुधार, आर्थिक स्थिरता और शहरी नियोजन की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं। वहीं बोरे-बासी कार्यक्रम में गड़बड़ी को लेकर सरकार की स्वीकारोक्ति और जांच की घोषणा पारदर्शिता की दिशा में जरूरी मानी जा रही है।