छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पर्यटन विकास के लिए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। अब पहली बार पर्यटकों की उम्र और रुचियों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत विभिन्न आयु वर्गों के लोगों की पसंद और यात्रा शैली के अनुसार स्थलों का चयन और प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पर्यटन को भविष्य में मजबूती दी जा सके।
सरकार द्वारा तैयार की गई इस विजन योजना के अनुसार, 20 से 30 साल के युवा पर्यावरण के अनुकूल और सोशल मीडिया पर दिखाने लायक स्थानों को प्राथमिकता देते हैं। वहीं, 30 से 45 वर्ष की उम्र के लोग सोशल मीडिया और अपने मित्रों की सिफारिशों को आधार बनाकर पर्यटन करते हैं। 45 से 60 आयु वर्ग के लोग संस्कृति और पारिवारिक अनुभवों को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आध्यात्मिक स्थलों की यात्रा करना पसंद करते हैं।
इस योजना की एक खास बात यह भी है कि पहली बार ट्रैवल एजेंसियों के साथ-साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और व्लॉगरों की भी सहायता ली जाएगी।
योजना के प्रमुख बिंदु:
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डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) की चरणबद्ध शुरुआत।
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छत्तीसगढ़ के लिए सीधी उड़ानों को बढ़ावा देने हेतु एयरलाइन कंपनियों के लिए प्रोत्साहन योजना।
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रायपुर में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण की योजना।
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उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार राष्ट्रीय स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना।
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पर्यटन को लोकप्रिय बनाने के लिए सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ब्रांड एंबेसडर को जोड़ा जाएगा।
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टूर ऑपरेटरों और यात्रा एजेंसियों के साथ साझेदारी करके पर्यटन पैकेज तैयार किए जाएंगे।
एडवेंचर टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा:
चित्रकोट जलप्रपात, हसदेव बांगो जलाशय, गंगरेल, सोंढूर बांध समेत कई स्थानों को ट्रैकिंग, राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा, ताकि रोमांच प्रेमी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य है कि इस नए दृष्टिकोण के जरिए छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया जा सके।