Home Chhattisgarh news छत्तीसगढ़ कोल और डीएमएफ घोटाले के आरोपी IAS रानू साहू समेत 6 लोगों को जेल से रिहाई, सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के साथ राज्य से बाहर रहना अनिवार्य

छत्तीसगढ़ कोल और डीएमएफ घोटाले के आरोपी IAS रानू साहू समेत 6 लोगों को जेल से रिहाई, सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के साथ राज्य से बाहर रहना अनिवार्य

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छत्तीसगढ़ कोल और डीएमएफ घोटाले के आरोपी IAS रानू साहू समेत 6 लोगों को जेल से रिहाई, सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के साथ राज्य से बाहर रहना अनिवार्य

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित कोल और डीएमएफ घोटाले में गिरफ्तार किए गए निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू, समीर विश्नोई, राज्य सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया, रजनीकांत तिवारी, वीरेंद्र जायसवाल और संदीप नायक को जेल से रिहा कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को रायपुर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की विशेष अदालत में आदेश की प्रति प्रस्तुत की गई थी, लेकिन शाम सात बजे जेल पहुंचने की वजह से उसी दिन रिहाई नहीं हो सकी थी। आज सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें जेल से छोड़ा गया।

सुप्रीम कोर्ट की शर्तें – राज्य से बाहर रहना होगा

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय स्पष्ट शर्त रखी है कि सभी आरोपियों को अगली सूचना तक छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। उन्हें अपने निवास स्थान और अन्य जानकारी स्थानीय अदालत को देना अनिवार्य होगा। केवल जब जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट उन्हें बुलाएगी, तभी वे राज्य में प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा सभी आरोपियों को अपने पासपोर्ट विशेष अदालत में जमा करने होंगे।

गिरफ्तारी और मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने कोल घोटाले में समीर विश्नोई को 13 अक्टूबर 2022, सौम्या चौरसिया को 2 दिसंबर 2022 और रानू साहू को 22 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था। बाद में ईओडब्ल्यू ने कोल और डीएमएफ दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज की थी।

कुछ आरोपियों की रिहाई अभी लंबित

सूर्यकांत और निखिल चंद्राकर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत तो मिल गई है, लेकिन डीएमएफ मामले की अगली सुनवाई 18 जून को होनी है। जब तक यह सुनवाई नहीं होती, तब तक उन्हें जेल से रिहाई नहीं मिलेगी।

यह मामला राज्य में प्रशासनिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, और आने वाले समय में इसकी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी होंगी।