छत्तीसगढ़ में अब मेडिकल सप्लाई सिस्टम और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत हो गया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की लगभग 70 गाड़ियों को अत्याधुनिक GPS सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे दवाइयों की आपूर्ति पर नजर रखना अब और आसान होगा। यह कदम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की घोषणा के अनुरूप उठाया गया है।
नई GPS तकनीक की खासियत यह है कि नेटवर्क नहीं रहने की स्थिति में भी यह डिवाइस वाहन की लोकेशन और यात्रा का रूट रिकॉर्ड करता रहता है, जिसे बाद में ट्रेस किया जा सकता है। इससे दवाइयों की समयबद्ध और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया CGMSC ऑफिस का निरीक्षण
24 जुलाई को मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवा रायपुर के सेक्टर-27 स्थित CGMSC कार्यालय का दौरा किया। उन्होंने दवाओं के वातानुकूलित स्टोरेज, ड्राइवरों की कार्य प्रणाली, वाहनों की टेक्निकल क्षमता और रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम की विस्तार से जांच की। निरीक्षण के दौरान CGMSC अध्यक्ष दीपक म्हस्के और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया भी मौजूद थे।
हजारों दवाएं और उपकरणों की होती है सप्लाई
CGMSC हर वर्ष राज्यभर में करीब 1000 प्रकार की दवाइयां और 600 से अधिक कंज्यूमेबल्स, रीजेंट्स और मेडिकल इक्विपमेंट की आपूर्ति करता है। सप्लाई के लिए सभी वाहन एयर कंडीशन्ड हैं और इनमें टेम्परेचर कंट्रोल स्टोरेज यूनिट्स लगे हुए हैं, ताकि दवाइयों की गुणवत्ता बनी रहे।
आपात सेवाओं में निभा रहे अहम जिम्मेदारी
इन वाहनों का उपयोग राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, महामारी नियंत्रण और आपातकालीन दवा वितरण जैसे कार्यों में भी किया जा रहा है। अब GPS ट्रैकिंग की सुविधा के साथ, सप्लाई चेन पहले से ज्यादा भरोसेमंद और समयनिष्ठ हो गई है।
रियल टाइम ट्रैकिंग वेब पोर्टल से जुड़ी सभी गाड़ियां
CGMSC ने पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए सभी GPS युक्त गाड़ियों को अपने वेब पोर्टल से लिंक कर दिया है। इससे संबंधित विभाग के अधिकारी रियल टाइम में वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट ट्रैक कर सकते हैं।
हर जिले में वेयरहाउस खोलने की तैयारी
CGMSC की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई ने राज्य के सभी जिलों में नए वेयरहाउस खोलने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में अतिरिक्त 16 वेयरहाउस की स्थापना की योजना बनाई गई है, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सकारात्मक विचार का भरोसा दिलाया।