बिलासपुर | अब तक केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक योजना का दायरा इस शैक्षणिक सत्र से निजी स्कूलों तक भी बढ़ा दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यपुस्तक निगम ने निर्णय लिया है कि सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त में किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सुविधा CBSE और ICSE स्कूलों के लिए नहीं होगी।
पालकों को मिलेगी बड़ी राहत
इस फैसले से निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों के अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी। अब उन्हें हर साल किताबों पर हजारों रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। कई अभिभावकों ने कहा कि निजी प्रकाशकों की किताबों के महंगे सेट एक बड़ी चिंता थी, जिससे अब छुटकारा मिलेगा।
80 लाख से ज्यादा किताबें स्टॉक में
बिलासपुर जिले के रतनपुर रोड स्थित गतौरी गोदाम में करीब 80 लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। पाठ्यपुस्तक निगम ने 1 जुलाई से जिलेवार वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे संभाग के 1860 निजी स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से किताबें दी जाएंगी।
जिलेवार वितरण कार्यक्रम:
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1 जुलाई – गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (100 स्कूल)
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2 जुलाई – मुंगेली (298 स्कूल)
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3 से 5 जुलाई – बिलासपुर (708 स्कूल)
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6 जुलाई – सक्ती (307 स्कूल)
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7-8 जुलाई – जांजगीर-चांपा (510 स्कूल)
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9-10 जुलाई – कोरबा (357 स्कूल)
वितरण में देरी, स्कूल संचालकों का हंगामा
1 जुलाई को जब वितरण की शुरुआत होनी थी, उसी दिन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले के कई निजी स्कूल संचालक सुबह 8 बजे ही डिपो में किताबें लेने पहुंच गए थे। लेकिन दोपहर तक वितरण शुरू नहीं हुआ, जिससे नाराज़ संचालकों ने डिपो का घेराव कर हंगामा किया।
डिपो प्रभारी शेखर सिंह ठाकुर के अनुसार, वितरण प्रक्रिया 1 से 10 जुलाई तक जारी रहेगी और सभी जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के तहत पुस्तकों का वितरण किया जाएगा।
केवल CG बोर्ड स्कूलों को लाभ
पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया है कि यह योजना सिर्फ सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों तक सीमित है। CBSE और ICSE स्कूलों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है।