Home Chhattisgarh news ब्रिंदा करात ने की जेल में बंद ननों से मुलाकात, BJP पर ईसाई समुदाय को निशाना बनाने का आरोप

ब्रिंदा करात ने की जेल में बंद ननों से मुलाकात, BJP पर ईसाई समुदाय को निशाना बनाने का आरोप

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ब्रिंदा करात ने की जेल में बंद ननों से मुलाकात, BJP पर ईसाई समुदाय को निशाना बनाने का आरोप

दुर्ग, छत्तीसगढ़ – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की वरिष्ठ नेता ब्रिंदा करात ने दुर्ग सेंट्रल जेल पहुंचकर दो ननों से मुलाकात की, जिन्हें हाल ही में कथित मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। करात ने ननों की गिरफ्तारी को पूरी तरह झूठा और राजनीतिक साजिश करार दिया।

उन्होंने कहा कि ये दोनों नन वर्षों से गरीबों की सेवा में लगी थीं और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। करात ने बजरंग दल पर आरोप लगाया कि उसने इन ननों को गलत तरीके से विदेशी घोषित किया, जबकि वे भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी की ईसाई समुदाय को टारगेट करने की रणनीति बताया और ननों की तुरंत रिहाई की मांग की।

ब्रिंदा करात के साथ सीपीआई की नेता एनी राजा भी मौजूद थीं। जेल के अंदर की स्थिति देखकर दोनों नेताओं ने चिंता जताई और कहा कि ननों की तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं, वे जमीन पर सोने को मजबूर हैं।

गौरतलब है कि 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन से मानव तस्करी के संदेह में दोनों ननों को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद से वे जेल में हैं और इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।

29 जुलाई को करात और राजा निर्धारित समय से देर से पहुंचीं, जिस कारण उन्हें उस दिन मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि, 30 जुलाई को सुबह 9:30 बजे उन्हें मिलने की इजाजत मिली।

इससे पहले 29 जुलाई को केरल के चार सांसद—एन.के. प्रेमचंदन, सप्तगिरि शंकर उल्का, फ्रांसिस जॉर्ज और अनिल ए. थॉमस—सहित विधायक रोजी एम. जॉन और कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता लेतफलांग ने भी ननों से जेल में जाकर मुलाकात की थी।

विपक्ष ने इस पूरी कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए एफआईआर रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।