बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात एक बड़ी लापरवाही देखने को मिली, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी। प्लेटफार्म नंबर 3 पर लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) से हटिया जाने वाली ट्रेन संख्या 12811 हटिया एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 10 मिनट पहले, शाम 7:55 बजे पहुंच गई। लेकिन स्टेशन के डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर उस समय हावड़ा–मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस (12262) का नंबर और कोच इंडिकेशन दिखाया जा रहा था।
डिस्प्ले में गलत जानकारी के कारण ट्रेन में सवार होने के लिए प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री असमंजस में खड़े रहे। चूंकि अधिकांश यात्री कोच नंबर और ट्रेन की स्थिति डिस्प्ले देखकर ही प्लेटफार्म पर मूवमेंट करते हैं, इस वजह से कई लोग सही कोच तक पहुंचने में देर कर बैठे। जब यात्रियों को कुछ मिनट बाद पता चला कि प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन वास्तव में हटिया एक्सप्रेस है, तो वे जल्दबाजी में अपने कोच की ओर दौड़े।
स्थिति और भी बिगड़ गई जब कोच इंडिकेशन भी गलत दिखाया जा रहा था, जिससे लोगों को बार-बार आगे-पीछे भागना पड़ा। कुछ यात्री तो स्टेशन पर दौड़ते-भागते पहुंचे और जैसे-तैसे ट्रेन पकड़ पाए, वरना उनकी ट्रेन छूट जाती।
यात्रियों का कहना है कि बिलासपुर रेल मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों की इस लापरवाही के कारण अनावश्यक अफरातफरी मच गई। हटिया एक्सप्रेस के रवाना होने के बाद भी डिस्प्ले पर उसका नंबर नहीं दिखाया गया, जिससे प्लेटफार्म पर पहुंचे अन्य यात्रियों को गुमराह होना पड़ा।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी खामी या ऑपरेटर की गलती की वजह से यह गड़बड़ी हुई। हालांकि, यात्रियों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत सुधार किया जाए और डिस्प्ले प्रणाली की नियमित जांच हो, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे की सूचना प्रणाली में जरा-सी चूक यात्रियों के लिए बड़े संकट में बदल सकती है।