बिलासपुर |छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित खोंगसरा हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की भारी अनदेखी का मामला सामने आया है। करीब 200 छात्र नामांकित होने के बावजूद स्कूल में केवल 12 छात्र उपस्थित पाए गए। और हैरानी की बात यह रही कि स्कूल पहुंचे इन छात्रों को भी प्राचार्य ने पढ़ाने की बजाय वापस भेज दिया।
डीईओ के निरीक्षण में खुली पोल
जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डॉ. अनिल तिवारी जब निरीक्षण के लिए सुबह करीब 11 बजे स्कूल पहुंचे, तो वहां का हाल देखकर चौंक गए। उपस्थिति रजिस्टर से लेकर शैक्षणिक व्यवस्थाओं तक हर जगह अव्यवस्था नजर आई।
बिना आवेदन के लगाई सीएल, चार शिक्षक गैरहाजिर
निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्राचार्य लहरे पर भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने बिना किसी लिखित आवेदन के चार अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति पंजी में ‘सीएल’ (अवकाश) दर्ज कर दी थी। जब उनसे आवेदन पत्र मांगा गया, तो वे कोई जवाब नहीं दे सके।
नोटिस थमाए गए 9 शिक्षकों और कर्मचारियों को
इस पूरे मामले में प्राचार्य समेत कुल 9 शिक्षकों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से ये नाम शामिल हैं:
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एम. मीणा (व्याख्याता)
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सविता गांगुली
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डॉ. किरण सरावगी (व्यायाम निदेशक)
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डी.के. चतुर्वेदी (कर्मचारी)
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ शिक्षक कक्षा लेने की बजाय आपस में बातें करते पाए गए।
शैक्षणिक कार्यों में भी लापरवाही
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स्कूल का टाइम टेबल अब तक तैयार नहीं किया गया था।
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पाठ्यक्रम की पंजी भी नहीं बनाई गई थी।
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शिक्षकों की डायरी संधारित नहीं पाई गई।
इन सभी लापरवाहियों के आधार पर चार और शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।
दूसरे स्कूल में सब कुछ व्यवस्थित मिला
इसके बाद डीईओ ने खैरा (छपोरा) स्थित एक अन्य स्कूल का निरीक्षण किया, जहां शैक्षणिक गतिविधियां अपेक्षाकृत संतोषजनक स्थिति में मिलीं।