भिलाई, दुर्ग | अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का आयोजन भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास स्थित मैदान में 30 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है, जो 5 अगस्त तक चलेगा। कथा स्थल पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसको देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है।
5 किमी पैदल यात्रा अनिवार्य, कई मार्ग बंद
कथा स्थल तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 5 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी होगी। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के तहत उतई तिराहा से जवाहर उद्यान चौक तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके अलावा, कथा स्थल से सटे फॉरेस्ट एवेन्यू मार्ग पर भी पैदल आवागमन पर रोक लगाई गई है।
विशाल वाटरप्रूफ डोम और व्यापक इंतजाम
भक्तों की सुविधा के लिए आयोजकों ने 5 बड़े वाटरप्रूफ डोम तैयार किए हैं, जो व्यासपीठ से जुड़े हुए हैं। कथा के सफल संचालन हेतु ‘बोल बम समिति’ द्वारा विभिन्न आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
भव्य कलश यात्रा और आकर्षक झांकियां
कथा का आरंभ 30 जुलाई की सुबह सेक्टर-5 के गणेश मंदिर से कलश यात्रा के साथ हुआ, जो जयंती स्टेडियम तक पहुंची। मार्ग में जगह-जगह स्वागत द्वार सजाए गए थे। झांकी में विशाल बाहुबली हनुमान, भगवान गणेश तथा हरियाणा से आए अघोरी संतों के दल ने विशेष आकर्षण बटोरा।
पुलिस का ट्रैफिक डायवर्शन प्लान
दुर्ग यातायात पुलिस ने पूरे आयोजन के लिए विस्तृत रूट चार्ट और पार्किंग प्लान जारी किया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्ग और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
-
VIP वाहनों को बेरोजगार तिराहा से प्रवेश की अनुमति है, जिनके लिए शहीद पार्क के सामने विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
-
रायपुर, चरोदा, भिलाई-03 की ओर से आने वाले वाहन टाटीबंध, कुम्हारी, पावर हाउस अंडरब्रिज होते हुए सेक्टर-2 या सेक्टर-6 पुलिस ग्राउंड में पार्क होंगे।
-
बेमेतरा, धमधा, दुर्ग की दिशा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सेक्टर-7 स्कूल ग्राउंड या सेक्टर-6 पुलिस ग्राउंड में खड़ा करेंगे।
-
राजनांदगांव, बालोद की दिशा से आने वालों के लिए हेलीपैड और फुटबॉल ग्राउंड पार्किंग निर्धारित की गई है।
-
धमतरी और पाटन से आने वाले श्रद्धालु उतई होते हुए डीपीएस चौक से हेलीपैड या फुटबॉल ग्राउंड पहुंचकर वाहन खड़ा कर सकते हैं।
भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध
पूरे आयोजन के दौरान कथा स्थल के आसपास भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
निष्कर्ष:
श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे संयम, अनुशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि यह आध्यात्मिक आयोजन सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।