भिलाई के जुनवानी क्षेत्र में शासकीय जमीन पर कब्जे की कोशिश को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच विवाद की स्थिति बन गई। ईएसआईसी हॉस्पिटल के सामने स्थित खसरा नंबर 541 की नजूल भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी। मामले ने तूल पकड़ा तो नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया।
शासकीय भूमि पर कब्जे की कोशिश
अतिरिक्त तहसीलदार दुर्ग के मुताबिक, यह जमीन शासकीय नजूल भूमि के अंतर्गत आती है। कांग्रेस नेता बृजेश शर्मा और भाजपा समर्थक अनिल अग्रवाल ने इस जमीन पर अपना-अपना दावा पेश किया। बृजेश शर्मा ने सड़क निर्माण के लिए मुरुम डालवाया, जबकि अनिल अग्रवाल ने जमीन की घेराबंदी के लिए प्रीकास्ट बाउंड्री खड़ी करवा दी।

पुलिस की मौजूदगी में प्रीकास्ट
कब्जे को लेकर जब दोनों पक्ष स्मृति नगर चौकी पहुंचे, तो वहां जमकर बहस और हंगामा हुआ। अपने-अपने दस्तावेज दिखाने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकल सका। ऐसे में पुलिस ने विवाद से बचने के लिए प्रीकास्ट करवा दिया।

निगम आयुक्त ने लिया संज्ञान, बुलडोजर चलवाया
नगर निगम आयुक्त राजीव पाण्डेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रीकास्ट बाउंड्री पर बुलडोजर चलवाया। कार्रवाई में जोन-1 प्रभारी प्रशन्न तिवारी, राजस्व निरीक्षक मीनू सिंह और तोड़फोड़ दस्ता प्रमुख हरिओम गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भाजपा समर्थकों की दबंगई
जानकारी के अनुसार, भाजपा समर्थक अनिल अग्रवाल की ओर से बड़ी संख्या में समर्थक—including शैलेन्द्र सिंह, कुबेर शर्मा, अंकुर शर्मा, रिंकू, गाबू, नंदू और सोनू—मौके पर डटे रहे। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए शासकीय भूमि पर कब्जा करने की कोशिश को अंजाम देने की कोशिश की।

प्रशासन का रुख सख्त
इस पूरे मामले में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।