बालोद। जिला मुख्यालय के बस स्टैंड में जलभराव की गंभीर समस्या अब भी बरकरार है। पानी निकासी की योजना केवल कागजों तक सीमित रह गई है। नेशनल हाइवे निर्माण के दौरान बनाए गए नाले भी अधूरे हैं, जिससे तेज बारिश में पानी का बहाव सड़क को नुकसान पहुंचा रहा है और एप्रोच रोड भी बह गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी और भाजपा पार्षदों की टीम ने इस गंभीर मुद्दे पर शुक्रवार को कलेक्टर दिव्या मिश्रा से चर्चा की। पालिका अध्यक्ष ने बताया कि सोमवार को इस मामले में नगर पालिका और नेशनल हाइवे विभाग की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है।
जनता परेशान, अधिकारी खामोश
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि पिछले दो सालों से बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव की समस्या बनी हुई है। नाली निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे गड्ढों और कीचड़ की स्थिति बन रही है। दुकानदार असलम खान ने सवाल उठाया, “अगर नाली बनानी ही नहीं थी तो गड्ढा क्यों खोदा गया?”
पालिका ने नेशनल हाइवे विभाग को ठहराया जिम्मेदार
पालिका अध्यक्ष ने बताया कि विभाग को लगातार नाली निर्माण की मांग की जाती रही है, लेकिन निर्माण कार्य दो सप्ताह से रुका हुआ है। विभाग के एसडीओ टीकम ठाकुर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
सड़क क्षतिग्रस्त, एप्रोच बहा
नेशनल हाइवे के साथ बनाई गई नाली का एप्रोच तेज बारिश में बह गया है। सड़क भी जगह-जगह टूट रही है। निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी के अभाव को लेकर स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है।
घटना स्थल पर बालोद चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष हरीश सांखला, पार्षद गिरजेश गुप्ता, गोकुल ठाकुर, प्रीतम यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर तत्काल समाधान की मांग की है।
अब सवाल यह है कि क्या सोमवार की बैठक इस समस्या का हल निकाल पाएगी, या फिर यह मुद्दा भी अन्य फाइलों की तरह धूल खाता रहेगा?