नवा रायपुर | ब्यूरो रिपोर्ट — छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर को अब मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विषयों में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DNB) कोर्स संचालित करने की अनुमति मिल गई है। यह मान्यता नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की गई है। इससे क्षेत्र में कैंसर विशेषज्ञों की संख्या बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी।
कैंसर इलाज के साथ अब उच्च स्तरीय मेडिकल शिक्षा का केंद्र
बालको मेडिकल सेंटर पहले से ही विश्व स्तरीय सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और बहु-विशेषज्ञ टीमों के समन्वय के साथ कैंसर के उपचार में अग्रणी माना जाता है। अब डीएनबी कोर्स की शुरुआत से यह अस्पताल चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी एक अहम केंद्र बनता जा रहा है।
भविष्य के कैंसर विशेषज्ञों को मिलेगा प्रशिक्षण
अस्पताल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने जानकारी दी कि डीएनबी सीटों की स्वीकृति कैंसर के इलाज में भविष्य के योग्य और संवेदनशील चिकित्सकों को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रशिक्षित डॉक्टर न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हों, बल्कि मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण भी रखें।
प्रमुख संस्थानों से शैक्षणिक सहयोग
बालको मेडिकल सेंटर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), छत्तीसगढ़ हेल्थ साइंस एंड आयुष विश्वविद्यालय रायपुर, और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ शैक्षणिक समझौते किए हैं। इन एमओयू के जरिए क्लिनिकल प्रशिक्षण, अनुसंधान और अकादमिक गतिविधियों को साझा करने पर बल दिया गया है।
रोगी-हितैषी सेवाएं भी हैं उपलब्ध
अस्पताल कैंसर मरीजों के लिए न केवल उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराता है, बल्कि उनकी सहूलियत के लिए धर्मशालाएं और नि:शुल्क शटल सेवा जैसी सुविधाएं भी प्रदान करता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलती है।
निष्कर्ष:
डीएनबी कार्यक्रम की शुरुआत से बालको मेडिकल सेंटर अब न केवल इलाज का बेहतरीन विकल्प है, बल्कि यह ऑन्कोलॉजी शिक्षा और प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। यह पहल छत्तीसगढ़ सहित पूरे पूर्वी भारत में कैंसर चिकित्सा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों को मजबूत करेगी।