भिलाई | छत्तीसगढ़ के भिलाई में साइबर अपराधियों ने एक बी.फार्मा की छात्रा को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर ₹58,500 की ठगी कर ली। खुद को साइबर सेल का अधिकारी बताने वाले अज्ञात व्यक्ति ने पीड़िता को फर्जी FIR और एडिटेड वीडियो की धमकी देकर डराया और धीरे-धीरे अलग-अलग किस्तों में पैसे ऐंठ लिए।
भोपाल साइबर सेल का झांसा देकर की ठगी
सुपेला थाना पुलिस के अनुसार पीड़िता, 22 वर्षीय गुंजन चंद्राकर, शंकराचार्य कॉलेज, जुनवानी में बी.फार्मा की छात्रा है और भिलाई के गर्ल्स हॉस्टल में रह रही है। 28 जून को उसके मोबाइल पर एक कॉल आया जिसमें कॉलर ने खुद को भोपाल साइबर सेल का अधिकारी बताया और कहा कि उसके नाम पर एक एफआईआर दर्ज हुई है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ और एडिटेड वीडियो की धमकी
कॉलर ने छात्रा को डराते हुए कहा कि उसके पास एडिटेड पर्सनल वीडियो और फोटो हैं और अगर वह पैसा नहीं देगी, तो पुलिस उसके घर भेजी जाएगी। पहले किश्त में आरोपी ने ₹18,500 की मांग की और छात्रा से QR कोड भेजकर ₹2,000, फिर ₹7,000 और ₹9,500 मंगवाए।
लगातार बढ़ती रही पैसों की मांग
इसके बाद आरोपी ने वीडियो डिलीट करने के बहाने और ₹28,000 मांगे। छात्रा ने सहेली गोमती और मनीषा से उधार लेकर अलग-अलग QR कोड पर यह राशि भेज दी। फिर केस बंद करने के नाम पर ₹35,000 की मांग की गई, जिसमें छात्रा ने ₹12,000 और भेजे।
आखिरकार बहन की सलाह पर की शिकायत
लगातार मानसिक दबाव और धमकियों से परेशान छात्रा ने यह बात अपनी दीदी को बताई, जिन्होंने समझाया कि यह साइबर ठगी का मामला है। इसके बाद गुंजन ने सायबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सुपेला पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।