छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी बारसूर में कारगिल युद्ध के शहीद जवानों की याद में बनाए गए स्मारक को हटाने की कोशिश पर विवाद गहरा गया है। नगर पंचायत द्वारा किसी प्रस्ताव या आम सहमति के बिना स्मारक स्थल पर खुदाई शुरू किए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जैसे ही इस मामले की सूचना जिला पंचायत सदस्य तुलिका कर्मा को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचीं और चल रहे कार्य को फौरन रुकवाया। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर आरोप लगाया कि परिषद की अनुमति के बिना काम शुरू करवाया गया, जो नियमों के खिलाफ है और शहीदों के सम्मान का अपमान भी।
तुलिका कर्मा ने कहा कि यह मामला केवल एक निर्माण कार्य का नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के सम्मान से जुड़ा है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक नगर पंचायत की बैठक में इस पर प्रस्ताव पारित न हो, तब तक कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जल्द बैठक बुलाकर सर्वसम्मति से समाधान निकालने की बात कही।
इसके अलावा तुलिका ने भाजपा शासित नगर पंचायत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से बारसूर में नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की नीयत से बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।