Home Chhattisgarh news अम्बिकापुर और धरमजयगढ़ में बड़े अस्पतालों का निर्माण, स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच एमओयू

अम्बिकापुर और धरमजयगढ़ में बड़े अस्पतालों का निर्माण, स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच एमओयू

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अम्बिकापुर और धरमजयगढ़ में बड़े अस्पतालों का निर्माण, स्वास्थ्य विभाग और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच एमओयू

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने अम्बिकापुर में 200 से 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और धरमजयगढ़ में 100 बेड का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंगलवार को महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग और फाउंडेशन के बीच समझौता (एमओयू) हुआ। इन अस्पतालों में 80% मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर लगातार काम कर रही है। निजी क्षेत्र की भागीदारी से इन प्रयासों को और गति मिलेगी। कार्यक्रम में फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, शिशुगृह और आजीविका विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी।

फाउंडेशन के सीईओ अनुराग बेहार ने बताया कि संस्था बीते 15 सालों से छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में सक्रिय है। धरमजयगढ़ के 42 गांवों में आजीविका विकास के लिए बागवानी, कृषि और पशुपालन के जरिए ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे अन्य जिलों तक बढ़ाया जाएगा।

बालिकाओं को स्कॉलरशिप और शिशुगृह विस्तार
फाउंडेशन 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वाली 20 हजार छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप प्रदान करेगा। इस योजना के तहत उन्हें सालाना 30 हजार रुपये दिए जाएंगे, जिसमें ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षणिक खर्च शामिल होंगे। साथ ही शिक्षकों को भी बेहतर शिक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वर्तमान में राज्य में 400 शिशुगृह संचालित हैं, जहां 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों को दिन में तीन बार भोजन दिया जाता है। आने वाले समय में इन शिशुगृहों की संख्या बढ़ाकर 2500 से 3000 तक करने की योजना है।