Home Chhattisgarh news 21 महिलाओं से 10.50 लाख की धोखाधड़ी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

21 महिलाओं से 10.50 लाख की धोखाधड़ी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

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21 महिलाओं से 10.50 लाख की धोखाधड़ी, कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

छत्तीसगढ़ के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम कुआंगोदी और झुरहाटोला की 21 महिलाएं एक बड़े आर्थिक धोखाधड़ी की शिकार हो गई हैं। आरोप है कि दो महिलाओं ने फर्जी स्वयं सहायता समूह बनाकर निजी कंपनी से 10 लाख 50 हजार रुपये का लोन लिया और अब उसकी किश्तें भरने से मुकर रही हैं। इस वजह से बाकी महिलाएं भारी कर्ज के बोझ तले दब गई हैं और पिछले एक साल से किस्तें भरने को मजबूर हैं।

पुलिस नहीं सुन रही, जनदर्शन में पहुंची महिलाएं

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने 19 सितंबर 2024 को डौंडी थाने में शिकायत करने की कोशिश की थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी ने इसे आपसी मामला बताकर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया और उन्हें अदालत जाने की सलाह दे दी। इससे निराश होकर महिलाएं मंगलवार को जनदर्शन में कलेक्टर के पास पहुंचीं और आरोपी महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धोखाधड़ी का आरोप पूजा और सिंधिया पर

शिकायत में महिलाओं ने बताया कि दल्लीराजहरा निवासी पूजा भारद्वाज और सिंधिया गुलेन्द्र ने झूठे वादे कर समूह बनवाया और ऋण लिया। दोनों ने यह भरोसा दिलाया था कि वे समय पर किश्तें जमा करेंगी। उन्होंने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र भी दिया, लेकिन बाद में अपना वादा तोड़ दिया। अब समूह की अन्य महिलाएं हर माह करीब 52 हजार रुपये की किश्त भरने को मजबूर हैं।

धान, चावल और गहने बेचने की नौबत

कर्ज चुकाने के लिए पीड़ित महिलाओं को अपने घर का धान, चावल और यहां तक कि गहने तक बेचने पड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी की वजह से उनके घरों में विवाद, झगड़े और तनाव की स्थिति बन गई है। महिलाएं कहती हैं कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

न्याय की उम्मीद में प्रशासन के सामने गुहार

जनदर्शन में चंद्रिका बाई, लता बाई, लक्ष्मी बाई, टिकेश्वरी, ललिता, कमिता, ख़ोमिन, सुनोतिन और सुशील बाई सहित कई महिलाएं उपस्थित रहीं। उन्होंने कलेक्टर से निवेदन किया कि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें इस आर्थिक संकट से राहत दिलाई जाए।

> मुख्य मांगे

🔸 आरोपी महिलाओं के खिलाफ FIR दर्ज हो

🔸 ऋण की किश्तें भरने से पीड़ित महिलाओं को रोका जाए

🔸 दोषियों से वसूली कर समूह को

आर्थिक सहायता दी जाए