Home Chhattisgarh news 1.65 करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले और CGPSC मामले की सुनवाई तय, जांच में कई खुलासे

1.65 करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले और CGPSC मामले की सुनवाई तय, जांच में कई खुलासे

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1.65 करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले और CGPSC मामले की सुनवाई तय, जांच में कई खुलासे

राजधानी रायपुर में इंडियन ओवरसीज बैंक, राजिम शाखा में सामने आए 1.65 करोड़ रुपए के गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की सुनवाई 27 जून को तय की गई है। जांच एजेंसियों द्वारा इस मामले में बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक सुनील कुमार, सहायक प्रबंधक अंकिता पाणिग्रही, लिपिक योगेश पटेल और खेमनलाल कंवर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

इस घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था, जब यह सामने आया कि आरोपियों ने बैंक के निष्क्रिय और कम उपयोग वाले खातों को टारगेट कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गोल्ड लोन स्वीकृत किए और फिर वह रकम आपस में बाँट ली। मामले की जांच पूरी कर चालान तैयार कर लिया गया है, जिसे 27 जून को अदालत में पेश किया जाएगा।

CGPSC घोटाले की सुनवाई 15 जुलाई को

इसके साथ ही बहुचर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की सुनवाई 15 जुलाई को सीबीआई की विशेष अदालत में की जाएगी। सोमवार को रिमांड अवधि खत्म होने पर सुनवाई हुई, लेकिन अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अदालत ने सीबीआई को अतिरिक्त समय देते हुए सुनवाई 14 दिनों के लिए टाल दी।

इस मामले में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उनके पुत्र साहिल सोनवानी, व्यापारी श्रवण गोयल, शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार समेत कई आरोपियों को जेल भेजा गया है।

सीजीएमएससी घोटाले में जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई

इसी बीच छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) में सामने आए 660 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार डॉ. अनिल परसाई की जमानत याचिका पर 25 जून को सुनवाई होगी। बचाव पक्ष ने अदालत से समय की मांग की थी, जिस पर सुनवाई दो दिन के लिए आगे बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि इस मामले में प्रभारी महाप्रबंधक बसंत कुमार कौशिक, बायोमेडिकल इंजीनियर छिरोद रौतिया, उपप्रबंधक कमलकांत पाटनवार, मेडिकल इंजीनियर दीपक कुमार बंधे और मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शंशाक चोपड़ा सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

इन सभी मामलों में अदालत की अगली सुनवाई से नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।