Home Chhattisgarh news बेटियों की पहली पसंद बनता जा रहा है CA, 15 साल में दाखिले 15% से बढ़कर 50% तक पहुंचे

बेटियों की पहली पसंद बनता जा रहा है CA, 15 साल में दाखिले 15% से बढ़कर 50% तक पहुंचे

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बेटियों की पहली पसंद बनता जा रहा है CA, 15 साल में दाखिले 15% से बढ़कर 50% तक पहुंचे

रायपुर। चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) अब सिर्फ पुरुषों का क्षेत्र नहीं रहा। पिछले 15 वर्षों में इस प्रोफेशन में लड़कियों की भागीदारी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। जहां पहले कोचिंग सेंटरों में लड़कियों की उपस्थिति केवल 15-20% तक सीमित थी, अब यह आंकड़ा बढ़कर 40-50% तक पहुंच गया है।

रायपुर के एक प्रमुख कोचिंग सेंटर के प्रशासनिक अधिकारी तोषराम नायक ने बताया कि पिछले डेढ़ दशक में छात्राओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। पहले लड़कियां गिनती की होती थीं, अब वे बड़ी संख्या में सीए बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

रायपुर में सीए कोर्स में छात्रों का रेशियो (लड़के बनाम लड़कियां):

2019: 30 लड़के, 28 लड़कियां

2020-21: 8 लड़के, 14 लड़कियां

2022: 14 लड़के, 10 लड़कियां

2023: 10 लड़के, 6 लड़कियां

2024: 10 लड़के, 15 लड़कियां

शादी के बाद भी बनी रहती है करियर की राह

सीए कोर्स की एक बड़ी खासियत यह है कि यह महिलाओं को शादी के बाद भी काम जारी रखने की सुविधा देता है। यदि फुल-टाइम नौकरी संभव न हो, तो वे फ्रीलांस प्रैक्टिस, पार्ट-टाइम प्रोजेक्ट या फैमिली बिजनेस में सहयोग जैसे विकल्प अपना सकती हैं।

लड़कियों और उनके परिवारों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि शादी के बाद करियर कैसे आगे बढ़ेगा। सीए प्रोफेशन इस चिंता का समाधान देता है, क्योंकि इसमें समय की लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) होती है। दिन में चार घंटे का भी समय दिया जाए, तो भी इसमें अच्छा काम किया जा सकता है।

इस बदलाव के साथ यह साफ है कि अब बेटियां प्रोफेशनल फील्ड में भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।