कोरोना से थोड़ी राहत के बीच अब शहर में बाकी बीमारियों के इलाज के लिए सुविधा बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके तहत अब शहर में सीएम शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 15 मोबाइल क्लिनिक से 240 बस्तियों में लोगो को इलाज की सुविधा मिलेगी। रायपुर को इसके लिए 15 बसें मिल चुकी हैं।

पहले चरण का प्रयोग सफल होने पर शहर में दूसरे चरण में 19 और चलते-फिरते अस्पताल इसी तरह चलेंगे। दरअसल रायपुर नगर निगम क्षेत्र के दस जोन में 240 बस्तियां हैं।

चलते फिरते इस अस्पताल में एक डॉक्टर, एक नर्स, एक लैब टेक्नीशियन के साथ एक फॉर्मासिस्ट भी रहेगा। पूरे प्रदेश में पहले चरण में शहरी इलाकों में इस तरह की 60 मोबाइल यूनिट घूमने वाली हैं।

जबकि दूसरे चरण में 60 यूनिट चुने हुए चौदह शहरों को दी जाएंगी। मोबाइल क्लिनिक में मुनादी के लिए साउंड सिस्टम भी रहेगा। जिसके जरिए समय-समय पर डॉक्टर लोगों को इसके जरिए मौसमी बीमारियों और स्वास्थ्य से जुड़ी गुड प्रेक्टिस के लिए भी सलाह दिया करेंगे।

मोबाइल यूनिट में काम करने वाले डॉक्टर और मेडिकल स्टॉफ को हर दिन सात घंटे की शिफ्ट भी करनी होगी।

अन्य लोगो का भी इलाज होगा : स्लम बस्तियों में जाने वाले इन घूमते-फिरते अस्पतालों में हितग्राही के तौर पर स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को ही रखा गया है। लेकिन अगर कोई अन्य व्यक्ति भी चाहे तो इनके जरिए इलाज करवा सकेगा।

चलते-फिरते अस्पतालों के लिए जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अगर इलाज के इन तक आते हैं, तो उन्हें इलाज से वंचित न रखा जाए।

बड़े अस्पतालों में भीड़ रुकेगी : चलित अस्पतालों की इस स्कीम से बड़े अस्पतालों में मरीजों की संख्या के दबाव को कम करने की बात भी कही जा रही है। दरअसल, इस सुविधा से छोटे मोटी बीमारियों के लिए मरीज को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मोबाइल क्लिनिक में इलाज के साथ दवाएं भी मुफ्त में दी जाएंगी। शहर में स्मार्ट सिटी भी जल्द ही मोहल्ला क्लिनिक शुरू करने वाला है।