एक्सपर्ट्स कहना है की 10वीं और 12वीं के बाद जॉब देने वाली पढ़ाई करें, दूसरे को देखकर विषयों का चयन न करें

  • 10वीं में जिले को 15 तो 12वीं में 9वां ओवरऑल रैंक मिला
  • 24% छात्र 10वीं और 19% छात्र 12वीं में हो गए फेल
  • 1586 छात्र 12वीं में तो 10वीं में 1438 छात्र पूरक आए

24 june 2020,

City News – CN      City news logo

भिलाई | सीजी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस बार भी एजुकेशन हब दुर्ग-भिलाई के छात्र-छात्राओं ने टॉपर लिस्ट में स्थान पक्का कर लिया है। जिले से 10वीं के तीन छात्र और 12वीं से दो (एक वोकेशनल कोर्स) से टॉप किए हैं।  बोर्ड के ये दोनों  रिजल्ट सबके लिए महत्वपूर्ण होता है।

ये अंक भविष्य की दिशा तक तय करती है। ऐसे समय में कई स्टूडेंट्स भविष्य को लेकर चिंतित होते हैं। ऐसे में रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. रजत मूना, सीएसवीटीयू के कुलपति प्रो. एमके वर्मा और दुर्ग विवि की कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा से बातचीत की।

छात्रों का कन्फ्यूजन दूर करने हमने इन एक्सपर्ट्स से बातचीत की। तीनों एक्सपर्ट्स से कॉमन सवाल पूछा कि वर्तमान परिवेश में 10वीं और 12वीं के छात्रों को आगे क्या करना चाहिए? पढ़िए सवालों के जवाब देते हुए उनके जवाब…।

छात्र न हो…कन्फ्यूज : 10वीं और 12वीं के बाद छात्र क्या करें, कॉलेज और विषय कैसे तय करें, यह बता रहे हैं हमारे एक्सपर्ट्स

अब बोर्ड एग्जाम क्लियर करने वाले छात्रों के सामने बेहतर कॉलेज, रोजगार देने वाले विषय और पसंद के विषय चयन करना चुनौती है। कई बच्चे दूसरों को देखकर विषय लेते हैं। यह उनके लिए नुकसान भी हो सकता है। इसलिए विषय और कॉलेज को लेकर एक्सपर्ट्स क्या बता रहे, पढ़िए उनकी जुबानी…।

इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में स्कोप

“10वीं के बाद साइंस, आर्ट्स या फिर कॉमर्स सब्जेक्ट्स का चयन अपनी रुचि के अनुसार करें। 12वीं के बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, होटल मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर में बीटेक, पत्रकारिता में डिग्री या डिप्लोमा कर सकते हैं। फार्मेसी और एनिमल हसबेंडरी की पढ़ाई भी कर सकते हैं। पब्लिक सर्विस के लिए अपनी रुचि का विषय का चयन करें।” प्रो. रजत मूना, निदेशक, आईआईटी भिलाई

स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा ध्यान दें 

“10वीं के बाद बच्चों को अपने कोर्स के साथ ही स्किल डेवलपमेंट वाले कोर्स करने चाहिए, ताकि 12वीं की पढ़ाई तक उसका मजबूत आधार बन सके और फिर बाद में उसी स्किल को लेकर उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाएं। पीएससी की भी तैयारी करते रहें। टेक्निकल कोर्स या फिर अन्य प्रोफेशनल कोर्स लेकर आगे पढ़ाई कर सकते हैं। इससे फायदा मिलेगा।” – डॉ. अरुणा पल्टा, कुलपति, हेमचंद यादव विवि

विषयों का आंकलन खुद करें, जानकारी के साथ दाखिला लें… 

“10वीं पास करने के बाद बच्चे सबसे पहले अपनी रुचि वाले विषयों का चयन करें। उसका आगे क्या स्कोप है। राज्य में या राज्य से बाहर कौन से कोर्स कहां-कहां संचालित हैं, उसका आंकलन करें। किसी की देखा देखी विषयों का चयन न करें, इससे फायदा नहीं होगा। राजधानी व राज्य में बहुत स्कोप है।” – डॉ. एमके वर्मा, कुलपति, सीएसवीटीयू

रिजल्ट एनॉलिसिस:12वीं के रिजल्ट में आंशिक सुधार, जनरल प्रमोशन से भी फर्क 

  • 10वीं मेंं 51% फर्स्ट डिविजन के साथ उत्तीर्ण हुए, सेकंड डिविजन वाले छात्र भी 9% तक बढ़ गए
  • 12वीं में 80.96% परिणाम रहा, 97.91% छात्र सबसे ज्यादा होम साइंस के छात्र सफल हुए हैं
Breaking -   खुशखबरी: 15 अगस्त से सभी जिलों में खुलेगा गढ़कलेवा, उठा सकेंगे छत्तीसगढी़ व्यंजन का लुत्फ़

 ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे

   YOUTUBE चैनल को सब्सक्राइब करें  

           WHATSAPP   ग्रुप से जुड़ें          

 TELEGRAM चैनल को सब्सक्राइब क

Source link

Share on :