रायपुर, राजधानीसे लगे छेरीखेडी में में ममेरे-फुफेरे भाइयों के बीच हुआ एक छोटा सा विवाद एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों की गिरफ्तारी पर खत्म हुआ है। हत्या की बात को छुपाने के लिए आरोपी शव को श्मशान घाट में बाकायदा चिता सजाकर जला रहे थे। आसपास के लोगों को मामला संदिग्ध लगा तो उन्हाेंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की तो एक दिन पहले हुए कत्ल का यह राज खुल गया।

जीजा-साले ने मिलकर मारा

रायपुर के मंदिर हसौद थाना प्रभारी अश्वनी राठौर ने बताया, 25 वर्षीय कमलेश साहू छेरीखेड़ी में अपने मामा के यहां रहता है। उसके पिता नहीं है और मां अपने मायके में ही रह रही है। मंगलवार रात उसका अपने ममेरे भाई वेदकरण साहू (34) साहू के साथ विवाद हुआ। विवाद बढ़ा तो वेदकरण ने नगपुरा निवासी अपने जीजा टीकाराम साहू (36) को भी बुला लिया। दोनों ने मिलकर कमलेश को बुरी तरह पीट दिया। इसी मारपीट के दौरान गला दब जाने से कमलेश की मौत हो गई।

कार से शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे

इस मौत को छुपाने के लिए दोनों ने शव को एक बोरे में भरकर टीकाराम की कार में रख दिया। वहां से जीजा-साले नगपुरा पहुंचे। रात में वहीं सोए। टीकाराम साहू का एक मित्र रायपुर के मारवाड़ी श्मशान घाट में प्रबंधक है। उसने उसे बताया कि छत से गिरने की वजह से उसके साले की मौत हो गई है। उसका अंतिम संस्कार करना है। प्रबंधक ने यहां चिता आदि की व्यवस्था करा दी। करीब 10 बजे दोनों अपनी कार से शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे। बोरे में बंधा शव सीधे चिता पर रखकर आग लगा दी।

आसपास के लोगों ने शुरू की पूछताछ

बिना परिजनों के बोरे में बंधा शव जलते देखकर आसपास के लोगों को शक हुआ। उन लोगों ने शव जलाने आए दोनों लोगों से पूछताछ शुरू कर दी। उन लोगों से भी दोनों यही बताते रहे कि छत पर से गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई है। वे अस्पताल से सीधे यहीं आए हैं, इसलिए कोई परिजन साथ नहीं है।

पुलिस ने सख्ती दिखाई तो उगल दिया सच

लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चिता बुझाकर अधजला शव बाहर निकाला। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस बीच शव जला रहे वेदकरण और टीकाराम को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में थोड़ी देर तक दोनों पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो हत्या का सच उगल दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।