स्मार्ट सिटी ने राजधानी में दो साल पहले किए गए सर्वे में पता लगाया था कि शहर के आधा दर्जन भीड़भरे बाजारों में या तो पार्किंग ही नहीं है, या फिर वहां जितने वाहन आते हैं, उनमें से 10 प्रतिशत के लायक भी पार्किंग के इंतजाम नहीं हैं। बाजारों ही नहीं, इतने ही गार्डन ऐसे हैं जहां जाने वालों के लिए सबसे बड़ी समस्या पार्किंग ही है।

कोरोना की वजह से दो साल तक रुकने के बाद अब स्मार्ट सिटी ने इन सभी स्थानों पर पार्किंग को सुधारने तथा क्षमता बढ़ाने का काम शुरू किया है। यह प्रोजेक्ट 2 करोड़ रुपए का है और दो माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसमें पहले से मौजूद पार्किंग को सुधारने और क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आसपास के ऑटो-रिक्शा स्टैंड को भी व्यवस्थित किया जाना है। दरअसल, शहर में कई बाजार, सरकारी दफ्तर, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों में या तो पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, या फिर ये शहर की बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग जैसे जयस्तंभ चौक और कलेक्टोरेट से दूर हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत उन्हीं पर काम किया जाएगा। अफसरों के मुताबिक स्मार्ट सिटी ने सर्वे आने के तुरंत बाद यानी दो साल पहले स्मार्ट पार्किंग की योजना शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण मामला रुक गया।

अब भीड़ बढ़ने लगी है, इसलिए इसी प्लान में बदलाव करते हुए पहले से मौजूद पार्किंग को व्यवस्थित करने की योजना लाई गई है। शहर में जगह-जगह ऑटो, ईरिक्शों के स्टैंड को भी इस प्रोजेक्ट के तहत नया स्वरूप दिया जाएगा। 22 से अधिक स्थानों का सर्वे : तीन साल पहले शहर में 22 से अधिक जगहों पर सर्वे किया था। इस सर्वे के तहत शहर में तीन श्रेणियों में पार्किंग प्वाइंट चुने गए थे। पहले में 100 से अधिक गाडिय़ां खड़ी करने वाली जगहों, दूसरी में 50 या इससे कम और तीसरी श्रेणी में 20 या इससे कम क्षमता वाली पार्किंग की स्थिति देखी गई थी। सर्वे में मंगलबाजार में केवल 20 कारें पार्क होने की जगह पाई गई थी, जबकि वहां सैकड़ों दोपहिया आती हैं, जो पूरे इलाके में पार्क की जाती हैं और अफरातफरी रहती है। इसी तरह, सिंधी मार्केट में 20 गाड़ियां पार्क होने का आंकलन आया था, जबकि वहां जरूरत बहुत अधिक है। इसी तरह, तेलीबांधा, कटोरा तालाब, अनुपम पार्क में पार्किंग की क्षमता बहुत कम निकली थी।

11 पार्कों का होगा सौंर्दयीकरण
इसके अलावा स्मार्ट सिटी 4 करोड़ में शहर के 11 से अधिक पार्क को डेवलप करने जा रहा है। इनमें गांधी उद्यान (डब्ल्यूआरएस), काशीराम नगर पुराना उद्यान, सांसद निवास के पास पार्क, शैलेंद्र नगर पार्क, समता कॉलोनी, पंकज गार्डन, त्रिमूर्ति, राधा स्वामी गार्डन, अमलीडीह गार्डन, सेंट जोसेफ गार्डन और देवेंद्र नगर सेक्टर-4 का गार्डन शामिल हैं। निगम रायपुर का उद्यान विभाग 30 पार्क संवारने के प्रोजेक्ट पर पहले से ही काम कर रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी ने नए प्रोजेक्ट में 11 पार्क अलग चुने हैं।

शहर में पार्किंग और पार्क दोनों को व्यवस्थित और री डेवलप करने के लिए स्मार्ट सिटी करीब 6 करोड़ के दो नए प्रोजेक्टों पर काम कर रहा है। इससे बेतरतीब पार्किंग से निजात मिलेगी। वहीं पार्क का सौंदर्यीकरण भी होगा।
– चंद्रकांत वर्मा, एमडी, स्मार्ट सिटी रायपुर