सिटी न्यूज रायपुर  :  बस्तर के सिलगेर गोलीकांड मामले में आदिवासियों के मारे जाने पर आज तक कोई कार्यवाही क्यूं नही हो रही है- यह सवाल जोगी कांग्रेस के रायपुर शहर जिलाध्यक्ष ने उठाते हुवे कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि आदिवासियों के साथ अत्याचार उनकी नृशंस हत्या पर कांग्रेस सरकार और उनके बडे बडे अधिकारी चुप्पी क्यूं साध रखे है,   जनता जानना चाहती है कि आखिर सच क्या है, सच को सामने लाने वाले विपक्षी दलों को क्यों रोका जा रहा है,IMG 20210608 190321 | City News - Chhattisgarh कांग्रेस की सरकार बस्तर के भोले भाले आदिवासियों की आवाज कुचलने का प्रयास कर, जबरन पट्टे की जमीन पर कैंप लगवाने का फरमान जारी कर एवं निहत्थे ग्रामीणों पर गोली दाग रही है,  लाठी चलवा रही है,  महिला और बच्चों तक अपना जुल्म ढाने से बाज़ नहीं आ रही है,,  यह बेहद निंदनीय है और उससे भी बढ़कर बस्तर के जनप्रतिनिधि इस मामले में मौन रहकर अपने ही आदिवासी भाई बहनो को बली चढ़ने हेतु अनाथ जैसे छोड़ दिए है – क्या इसी दिन के लिये ग्रामीण आदिवासी इन लोगों को अपना प्रतिनिधि चुनकर  ऊंचे बडे पद पर बिठाये थे,,  न्याय की मांग को लेकर 15 से 20 हजार ग्रामीण लगातार कई दिनो से धरना प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं,  परन्तु कांग्रेसी सरकार के कान में जूं तक नही रेंग रही है,, IMG 20210608 190222 | City News - Chhattisgarh बस्तर के दिग्गज आदिवासी कांग्रेस नेता और मंत्री कवासी लखमा आज तक घटनास्थल नही पहुंचे,  सांसद बैज ने आज अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है जिसमें भी सरकारी दबाव की बू आ रही है,  इतने गंभीर मामले में  गृह मंत्री और मुख्यमंत्री का अभी तक चुप्पी संदेह को जन्म देता है ,,  आदिवासी बाहूल्य छत्तीसगढ राज्य को आदिवासी राज्यपाल मिलने से बडी खुशी और उम्मीद थी परन्तु   महामहिम राज्यपाल मैडम भी स्वयं आदिवासी होकर निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को न्याय नही दिला पा रही है,,  जबकि बस्तर पर राज्यपाल का विशेष अधिकार है,,  बीजेपी नेताओं के बयान अनुसार राज्य के कांग्रेस सरकार यदि सिलगेर मामले में लीपापोती कर रही है तो बीजेपी के नेतालोग भूपेश सरकार पर ढूलमूल रवैया का आरोप लगाने के बजाय  केंन्द्र में बैठे भाजपा के मोदी सरकार से जांच और सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर  कडी कार्यवाही करने की मांग क्यूं नही करते,, यदि आदिवासियों की हत्या मामले में कांग्रेस की राज्य सरकार दोषी हो तो उन्हें बर्खास्त कराने का प्रयास क्यों नही कर रही है,,    निर्दोष आदिवासियों की मौत पर आखिर राजनीति क्यों हो रही है ,  आखिर निर्दोष आदिवासियों के दोषी हत्यारों को सजा कब मिलेगी,  मारे गये आदिवासियों को कब मिलेगा न्याय…?  कब खतम होगा ये अत्याचार…?