महिला आयोग में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन प्रकरणों की सुनवाई हुई। इसमें शारीरिक शोषण के एक मामले में आवेदिका के साथ गांव के सरपंच, कोतवाल समेत 15 लोग सुनवाई में पहुंचे। महिला ने एक शख्स के खिलाफ दो साल से शादी का लालच देकर लगातार शारीरिक शोषण करने के खिलाफ आवेदन दिया था। इस मामले में 28 अक्टूबर 2021 को गांव में सामाजिक बैठक हुई थी। इसमें उस शख्स के पिता, मामा ने यह तय किया था कि सामाजिक रीति रिवाज से शादी करेंगे।

सामाजिक बैठक में धमकी दी कि शादी नहीं करेंगे तो क्या कर लोगे। बाद में शादी करने की बात सहमत हुए तो उस दौरान पंडरिया पुलिस ने घर से महिला को ले जाकर इसकी वीडियोग्राफी भी की। महिला का शोषण करने वाला शख्स सभी को झूठा साबित करता रहा। महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि वीडियोग्राफी के बाद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना ये भी जांच का विषय है।

मामले में डॉक्टरी मुलाहिजा कराकर थाना पंडरिया एवं आयोग को की जा रही जांच से अवगत कराने का निर्देश जारी किया गया है। इसमें पत्नी ने पति के द्वारा उसको साथ नहीं रखने के मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की समझाइश के बाद पति पत्नी के साथ रहने के लिए रजामंद हो गया।

जनसुनवाई में 20 प्रकरणों पर हुई चर्चा
एक दूसरे प्रकरण में भी समझौता हुआ है। इसमें एक शख्स ने अवैध संबंध की बात कबूल करते हुए आवेदिका पत्नी से माफी मांगी है, और भविष्य में इस तरह की गलती नहीं करने की बात भी लिखित रूप से कही। इस केस में निगरानी के लिए एक काउंसलर नियुक्त किया गया है। जनसुनवाई में 20 प्रकरणों में से 17 के पक्षकार मौजूद हुए। 2 प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।