सिटी न्यूज रायपुर  – आज  1 मई से 18 और इससे ऊपर उम्र वाले सभी लोगों को आज से वैक्‍सीन लगाई जाएगी। अगर आप भी टीकाकरण के इस नए चरण में वैक्‍सीन लगवाने जा रहे हैं तो आपको जरूर जान लेना चाह‍िए क‍ि वैक्‍सीन आपकी बॉडी में जाकर क‍िस तरह र‍िएक्‍ट करेगी।! इन सब उलझनों को लेकर  सिटी न्यूज ने संजीवनी कैंसर हॉस्पीटल दावडा कॉलोनी रायपुर के कैंसर रोग स्पेशलिस्ट आंकोलाजिस्ट डा. सतीश देवांगन से बात की उन्होने बताया कि ज‍िन लोगों ने पहले वैक्‍सीन लगवाई है उन्‍होंने हल्‍के बुखार, थकान और हाथ में भारीपन, स‍िर में दर्द, बॉडी पेन की श‍िकायत की पर आपको उससे ब‍िल्‍कुल डरने की जरूरत नहीं है क्‍योंक‍ि ये सामान्‍य लक्षण हैं जो क‍िसी भी वैक्‍सीन के लगने पर आपको द‍ेखने को म‍िल जाएंगे। कोरोना वैक्‍सीन लगवाने से संक्रम‍ित होने की आशंका घट जाती है क्‍योंक‍ि वैक्‍सीन आपकी बॉडी में एंटीबॉडी बनाने का काम करती है। कोरोना वैक्‍सीन लगवाने वाले लोगों को कोरोना के गंभीर लक्षण होने की आशंका कम होगी। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने संजीवनी हॉस्पीटल रायपुर के डा. सतीश देवांगन से बात की…IMG 20210426 134321 scaled | City News - Chhattisgarhडा. सतीश देवांगन ने कहा कि वैक्सीन का पहला डोज लगते ही दो तरह के वाइट ब्‍लड सैल्‍स एक्‍ट‍िवेट हो जाएंगे। पहला प्‍लाज्‍मा बी सैल्‍स जो क‍ि एंटीबॉडी बनाने का काम करता है और दूसरा टी सैल्‍स, जो पैथोजन की पहचान कर उसे खत्‍म करने का काम करेगा। आसान भाषा में कहें तो वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के बाद शॉट आपके शरीर में कोरोना वायरस के ख‍िलाफ एंटीबॉडी तैयार करेगी ज‍िससे आपको वायरस से बचाया जा सकेगा।IMG 20210501 135625 | City News - Chhattisgarh डा. सतीश ने कहा कि ये जरूरी नहीं है क‍ि ज‍िन लोगों को वैक्‍सीन लगी है उन्‍हें कोरोना का खतरा नहीं होगा क्‍योंक‍ि हर व्‍यक्‍त‍ि की इम्‍यून‍िटी पॉवर अलग होती है।  वैक्‍सीन के जर‍िए शरीर में एंटीबॉडी बनाई जाती है जो एक तरह का प्रोटीन है। इसे न्‍यूट्रलाइज‍िंग एंटीबॉडी कहा जाता है। न्‍यूट्रलाइज‍िंग एंटीबॉडी आपकी बॉडी में घुसने वाले वायरस के ख‍िलाफ काम करता है।

कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज क‍ितनी फायदेमंद होगी? (Benefits of taking First Dose of COVID Vaccine)IMG 20210501 091016 | City News - Chhattisgarh

डा. सतीश ने बताया कि बहुत से लोगों को वैक्‍सीन लगवाने में डर लग रहा है क्‍योंक‍ि उन्‍हें लगता है क‍ि वैक्‍सीन उनके शरीर में जाकर नेगेट‍िव असर करेगी जबक‍ि ऐसा नहीं है। कोविशील्‍ड और कोवाक्‍सीन दोनों को ही क्‍लीन‍िकल परीक्षण के बाद लोगों को लगाया गया है। ज‍िन लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है उन्‍होंने बताया क‍ि वैक्‍सीन लगने के द‍िन बुखार आया, वहीं किसी ने हाथ में भारीपन लगने की शिकायत की तो कुछ ने थकान लगने की श‍िकायत करी। आपको इन बातों से डरने की जरूरत नहीं है क्‍यों ये वैक्‍सीन के साइड इफेक्‍ट्स नहीं है। क‍िसी भी वैक्‍सीन के लगने पर बुखार आना सामान्‍य सी बात है, बुखार आना इस बात का प्रूफ है क‍ि आपको ठीक तरह से वैक्‍सीन लगाई गई है। इन हल्‍के स‍िम्पटम से डरे नहीं। आप एक से दो द‍िन में ब‍िल्‍कुल नॉर्मल हो जाएंगे। सभी लोगों को वैक्‍सीन की दोनों डोज लेनी है, नहीं तो आपके शरीर में एंटीबॉडी की ग्रोथ ठीक तरह से नहीं हो पाएगी और आप आसानी से वायरस की चपेट में आ सकते हैं। डाक्टर सतीश देवांगन के मुताब‍िक वैक्‍सीन की पहली डोज 52 प्रत‍िशत इफेक्‍टिव होगी। हालांक‍ि वैक्सीन के पहले डोज लेते ही एन्टीबॉडी नही बनती उसमें समय लगता है इसल‍िए आप दूसरी डोज स्‍क‍िप न करें। दोनों डोज लें ताक‍ि आपकी बॉडी में ज्‍यादा एंटीबॉडी बने और टी-सैल्‍स की मात्रा भी ज्‍यादा हो। अगर आपको वैक्‍सीन लगने के बाद कोव‍िड हो भी गया तो डॉक्‍टरों के मुताब‍िक आपको गंभीर लक्षण होने की आशंका वैक्‍सीन लगने से कम हो जाएगी।  कोवाक्‍सीन और कोव‍िशील्‍ड दोनों ही वैक्‍सीन पूरी तरह से सेफ हैं, आप भी टीकाकरण अभ‍ियान का ह‍िस्‍सा बनकर वैश्‍व‍िक महामारी की जंग ज‍ितने में अपनी और दूसरों की मदद करें। !