सिटी न्यूज रायपुर के संस्थापक डा. ओमप्रकाश देवांगन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा है कि 2018 के चुनाव में उन्होंने पत्रकार संरक्षण क़ानून लाने का जो वादा किया था, उसका क्या हुआ..?

आज कांग्रेस के भूपेश राज में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर फिर जानलेवा हमला हुवा है ,  छत्तीसगढ के कांकेर में देश के जाने-माने पत्रकार कमल शुक्ला पर प्राणघातक हमला हुवा है, यह घटना स्तब्ध और बहुत ही विचलित कर देने वाली खबर है। यह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में आज भी राजकाज – भ्रष्ट नौकरशाह, अपराधी टाइप के नेता और गुंडों के हाथ में है तथा यह इस बात का सबूत भी है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस माफिया गिरोह को कंट्रोल कर पाने में या तो पूरी तरह फैल हुए हैं या फिर उन्होंने उनके साथ समझौता कर लिया है।”

 

डा. ओमप्रकाश देवांगन ने अपनी कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुवे इस घटना को छत्तीसगढ़ के लिए शर्मनाक और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समाप्त कर देने का दु:साहस करने वाला कदम बताया, एक इमानदार,  वरिष्ठ पत्रकार पर जानलेवा हमला वह भी सरकार में शामिल लोग इस प्रकार की घटिया कृत्य और गुंडागर्दी करके शांत प्रदेश छत्तीसगढ को क्या हिंसक राज्य – अपराधगढ बनाना चाहते हैं और इतने बडे घटना के बावजूद अभी तक खुद सरकार की चुप्पी यह साबित करती है कि उन गुंडो को सरकार का संरक्षण है  !!

गौरतलब है कि आज जो स्थिति निर्मित हुई है उसके पीछे मुख्य वजह बताया जा रहा है कि  नेता – नौकरशाह और गुंडा गिरोह द्वारा लॉकडाउन की राहत सामग्री में हुए घोटाले और नगर पालिका के नेता, भ्रष्ट अधिकारियों की पत्रकार कमल शुक्ला  द्वारा पोल खोलने से शुरू हुयी थी, जो रेत माफिया और जंगल को लूटने वाले नेता, नौकरशाह और गुंडों के गिरोह को बेनकाब कर रहे थे, जिसका दूश्परिणाम एक  सम्मानित पत्रकार कमल शुक्ला पर जानलेवा हमले तक पहुँची है ।

पत्रकार –  जनता और  सरकार के बीच की कडी होती है जो जनता की आवाज बनकर – जनता के हित के खिलाफ हो रहे गलत को रोकने संविधान के तहत सरकार को सुशासन के लिये प्रेरित करती है, यह घटना पत्रकार पर नही पत्रकारिता पर प्राणघातक हमला है और पत्रकार को जान से मारने की धमकी , जानलेवा हमला – एक पत्रकार कमल शुक्ला पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला है,  यह हमला राज्य के कानून व्यवस्था पर हमला है,  यह संविधान पर हमला है, यह हमला छत्तीसगढ़ की संस्कृति के विरुद्ध है , छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून का मजाक  है  !!

बताया जा रहा है कि शोसल मीडिया में वायरल वीडियो अनुसार आरोपी कांग्रेसी  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाते हैं परन्तु कांग्रेस का कहना है कि दो पत्रकारों की आपसी लडाई है यह कहकर कांग्रेस, पत्रकारों को बेवकूफ समझ रही है, गृहमंत्री भी गोलमोल बात करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल देना चाहते है, जबकि वीडियो में मारपीट, गाली गलौच, मर्डर, पिस्तौल जैसे शब्दों के साथ माता बहनों के बीच ये गुंडे बहुत ही अश्लील शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं , इससे साबित होता है कि कांह्रेस के भूपेश बघेल के राज में आरोपियों को बचाकर –  पत्रकारों के प्रति उनकी सोच को प्रदर्शित करती है, गौरतलब है कि  लॉकडाउन में भ्रष्टाचार करने तथा राहत सामग्री में घोटाला करने वालों के विरूद्ध मोर्चा खोलने वाले पत्रकार कमल शुक्ला को ये गुंडे,  रेत माफिया लगातार धमकी दे रहे थे, इस धमकी के प्रमाण तक जारी किया गया  लेकिन शिकायत के बावजूद आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई करने के बजाय उल्टा  कमल शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार को कांकेर के पुलिस थाने में पुलिस की मौजूदगी में तथाकथित गुंडे द्वारा कनपटी पर पिस्तौल रखकर, पत्रकार को मारते हुए खींचकर थाने के बाहर लाना और पत्रकार के गले में पेचकस भोंककर जान लेने की कोशिश करना पुलिस प्रशासन और क़ानून व्यवस्था का धज्जियां उडाया गया  !! 

बता दें कि श्री कमल शुक्ला देश के जाने-माने, जुझारू और एक ईमानदार पत्रकार है। भूमकाल समाचार के सम्पादक कमल शुक्ला को इसी वर्ष प्रतिष्ठित “लोकजतन” सम्मान से जुलाई में सम्मानित किया गया था। वे बस्तर के आदिवासियों को हर तरह की हिंसा से बचाने, फर्जी मुठभेड़ों के विरुध्द लड़ने वाले तथा सलवा जुडूम से लेकर आज तक उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले निर्भीक पत्रकार हैं।

सिटी न्यूज रायपुर के संस्थापक  डा. ओमप्रकाश देवांगन ने पत्रकार कमल शुक्ला के पूरे इलाज की बेहतर व्यवस्था किये जाने के साथ ही आरोपी ,  अपराधियों के सरगना  की तत्काल गिरफ्तारी तथा पुलिस अधिकारियों के निलंबन और सभी दोषियों को एैसी सजा दी जाये , जिससे एैसे गुंडो को सबक मिल सके और बाकी गुंडो के लिये एक सीख और सबक साबित हो सके, वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर हमला करने वाले दोषियों पर राजद्रोह का भी मामला दर्ज करने की मांग डा. देवांगन ने की है ।

सिटी न्यूज रायपुर….