रायपुर शहर में 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू किया जा रहा है। न किराना दुकानें खुलेंगी न सब्जी की। इस वजह से गुरुवार को शहर के बाजार में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सुबह 7 बजे से चिल्हर बाजार तो इससे भी पहले सुबह 4 बजे से थोक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल दिखा। सिटी न्यूज ने डूमरतराई थोक मंडी का जायजा लिया। यहां जो टमाटर बुधवार को 100 रुपए प्रति कैरेट की दर पर बिका उसे गुरुवार को 600 रुपए प्रति कैरेट की दर पर बेचा गया। नतीजा ये हुआ कि चिल्हर रेट में टमाटर बुधवार को 10 रुपए में डेढ़ किलो मिल रहे थे। गुरुवार को आम आदमी एक किलो टमाटर के लिए 40 से 50 रुपए तक देता दिखा।

तस्वीर रायपुर के कलेक्टर सभागार की है। बुधवार को कारोबारियों ने चीजों के दाम न बढ़ाने का वादा किया था।

कलेक्टर की अपील का असर नहीं
रायपुर के कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने बुधवार को शहर के सभी व्यापारियों की बैठक ली थी। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से पूरे शहर को कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। ऐसे में सब्जी और किराना की दुकानों पर भी पाबंदी होगी। कलेक्टर ने आगे कहा था कि कोई भी चीज MRP से ज्यादा में न बेचें, चीजों के दामों में मुनाफाखोरी या कालाबाजारी न करें। तब बंद कमरे में पूरे कॉन्फीडेंस के साथ चेंबर और दूसरे व्यापारिक संगठन के लोगों ने कलेक्टर को भरोसा दिलाया था कि वो ऐसा नहीं करेंगे। अगली सुबह गुरुवार को बाजार में कारोबारियों ने उसी कॉन्फीडेंस से रेट मनमाने ढंग से बढ़ा दिए।

सब्जीदाम बुधवार 7 अप्रैलदाम गुरुवार 8 अप्रैल
टमाटर10 रुपए में डेढ़ किलो50 रुपए किलाे
भिंडी30 रुपए किलो50 रुपए किलो
बैंगन15 रुपए किलो30 रुपए किलो
गोभी30 रुपए किलो60 रुपए किलो
मूली20 रुपए किलाे30 रुपए किलो
लौकी15 रुपए किलो30 रुपए किलो

नोट: सब्जी के दाम डूमतराई थोक मंडी के बाहर चिल्हार बाजार की दरें पर आधारित

तस्वीर रायपुर के शास्त्री बाजार की है। भीड़ का ये नजारा दिन बना रहा।

भीड़ और डिमांड के कारण ऐसा हो रहा है
थोक सब्जी मंडी के प्रमुख श्रीनिवास रेड्‌डी ने कहा कि लॉकडाउन जिला प्रशासन लगा रहा है। बाजार गुरुवार और शुक्रवार की शाम तक ही खुला रहेगा। तो अत्यधिक भीड़ बाजार में आ गई है। डिमांड अधिक होने की वजह से टमाटर या अन्य सब्जियों के दाम बढ़ गए। हम लगातार व्यापारियों से अपील कर रहे हैं कि वो रियायती दरों पर ही सब्जी बेचें। लोगों को पैनिक महसूस करने की जरूरत नहीं है। सब्जी पर्याप्त स्टॉक में हैं, हम थोक में नियंत्रित दामों पर ही सब्जी बेच रहे हैं।

बेचने वाला भी बेबस और खरीदने वाला भी। तस्वीर रायपुर के डूमरताई मंडी के पास एक सब्जी वाले की।

तो हम क्या करें
डूमरतराई बाजार के बाहर सब्जी बेचने वाले श्याम साहू ने बताया कि बाजार में थोक पर ही हमें महंगी सब्जियां मिल रही हैं। मैं बुधवार को भिंड़ी 15 रुपए किलो बेच रहा था आज 30 रुपए किलो बेच रहा हूं क्योंकि मुझे ही थोक बाजार से महंगी सब्जी मिल रही है। टमाटर का चिल्हर में दाम 10 रुपए से 40-50 रुपए हो गया है। 5 से 10 रुपए आलू प्याज में भी बढ़ गया। ऊपर से ही बढ़े दामों पर हमें चीजें मिल रही हैं तो हम क्या करें।

दाम नियंत्रित करने टीमें गठित जो बाजार में नहीं दिखीं
ऐसा भी नहीं कि जिला प्रशासन को इस बात की खबर नहीं कि बाजार में सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। बाकायदा एक टीम बनाई गई है। इसमें ऐसे अफसरों को रखा गया है जो दाम पर नजर रखेंगे और महंगी चीजें बेचने वाले मुनाफाखोर कारोबारियों पर कार्रवाई करेंगे। इसके लिए 9 दल गठित किए गए हैं इसमें से 4 दल नगर निगम रायपुर, 1 दल नगर निगम बीरगांव और 1-1 दल सभी तहसीलों में बनाए गए है। मगर ये दल सिर्फ गठित ही हैं, बाजार में इन अफसरों का कोई एक्शन नहीं दिखा और लोग सुबह से ही महंगे दाम पर सब्जी घर ले जाने को मजबूर रहे।