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यहां जानें क्या होते हैं थायराइड के लक्षण और इस बीमारी से बचने के कुछ तरीके…डा. आकाश

सिटी न्यूज रायपुर –  पहले के मुकाबले अब थायराइड की बीमारी लोगों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी में अक्सर वजन बढऩे के साथ ही हार्मोन भी गड़बड़ा जाते हैं। वैसे इस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा महिलाएं ही आती हैं।

थायराइड की परेशानी थायराइड ग्रंथि के बढऩे की वजह से होती है और ये ग्रंथि तितली के आकार की होती है। वैसे थायराइड ग्रंथि बॉडी की कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को नियंत्रित करती है। तो आइए आपको बताते हैं  इस बीमारी से जुड़े कुछ लक्षण…

थायराइड ग्रंथि टी3 व टी4 थायरॉक्सिन हार्मोन का निर्माण करती है जो ह्दय,सांस,पाचन तंत्र और बॉडी के तापमान पर सीधा असर करती है। इसके साथ ही ये मांसपेशियों और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करते हैं। शरीर में जब ये सभी हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं,तब वजन बढऩे या कम होने की परेशानी होने लगती है और इसे ही थायराइड कहा जाता है।
थायराइड की बीमारी एक साइलेंट किलर बीमारी है क्योंकि इस बीमारी के लक्षण बहुत जल्दी सामने नहीं आते। शरीर में थायराइड ग्रंथि सबसे पहले थाइराक्सिन नामक जो भी हार्मोन का विकास करती है,उससे बॉडी की एनर्जी,प्रोटीन उत्पादन और दूसरे हार्मोन्स के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित हो जाती है।
वैसे थायराइड के लक्षण में सबसे अहम चीज वजन घटना या वजन बढऩा ही है। इसके अलावा थायराइड की समस्या होने पर अनिंद्रा,ज्यादा प्यास लगना,ज्यादा पसीना,हाथ कांपना,दिल का तेजी से धड़कना,कमजोरी एंव चिंता आदि शामिल हैं।
थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण शुरुआती स्तर पर जल्दी से मालूम नहीं हो पाते हैं।  महिलाओं को थायराइड होने पर सुस्ती,थकान,कब्ज और स्किन पर रुखेपन की परेशानी होने लगती है। इसके थायराइड होने की वजह से पीरियड्स भी अनियमितता रहते हैं।
इस तरह पहचाने थायराइड के लक्षण
थायराइड के लक्षणों में मन का चंचलपन,याद्दाश्त कमजोर और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द की समस्या भी होती है। बता दें कि थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षणों को नजरअंदाज करने देना जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए ध्यान रहे थायराइड के लक्षण दिख जानें पर तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं,क्योंकि अगर एक बार थायराइड बिगड़ जाए तो यह शरीर पर घातक असर करती है।
थायराइड की दिक्कत गर्दन के निचले हिस्से में स्थित इंडोक्राइन ग्रंथि में पाई जाती है। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको फाइबर से भरपूर भोजन करना चाहिए। इसके अलावा थायराइड की शिकायत होने पर शारीरिक गतिविधियां करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।सामान्य होते हैं थायराइड के शुरुआती लक्षण, नजरअंदाज न करें ये संकेत
थायराइड को ‘साइलेंस किलर’ माना जाता है क्‍योंकि इसके लक्षण बाद में पता चलते हैं। थायराइड की समस्या महिलाओं को ज्यादा होती है। जानें थायराइड के ऐसे 5 लक्षण, जिन्हें नजऱअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है।
आजकल थायराइड  की समस्‍या से बहुत से लोग पीडि़त हैं। गलत खानपान के कारण थायराइड के मरीजों की संख्‍या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। आमतौर पर देखा जाए, तो थायराइड  की समस्‍या पुरूषों की तुलना में महिलाओं में ज्‍यादा देखने को मिलती है। थायराइड  को बहुत से लोग ‘साइलेंस किलर’ मानते हैं, क्‍योंकि इसके लक्षण बहुत बाद में मालूम पड़ते हैं। थायराइड दो प्रकार का होता है, हाइपरथायरायडिज्‍म और हाइपोथायरायडिज्‍म।
थायराइड  ग्रंथि गर्दन के निचले हिस्‍से यानी श्‍वास नली के ऊपर दो भागों में बनी होती है। ये ग्रंथि थाइरॉक्सिन हार्मोन बनाती है, जिससे कि शरीर के अन्‍य हर्मोन्‍स की संवेदनशीलता कंट्रोल होती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ थायराइड रोग का खतरा बढ़ता जाता है। आइए हम आपको बताते हैं कि महिलाओं में थायराइड की शुरूआत होने पर शरीर में क्‍या मुख्‍य लक्षण दिखाई देते हैं।
शारीरिक आवश्यकताओं में बदलाव

थायराइड प्रतिकूल रूप से शारीरिक आवश्यकताओं पर भी असर डालता है। कुछ महिलाएं सेक्सुअल इंटरकोर्स या किसी दूसरे फिजिकल इंटीमेसी में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं लेतीं। समस्या तब और ज्यादा खराब हो जाती है जब उनके अंदर सेक्सुअल एक्टिविटी से घृणा बढ़ जाती है। अंडरएक्टिव थायराइड ग्लैंड अकसर महिलाओं की आवाज़ में भी परिवर्तन लाता है।

उनकी आवाज़ पहले से भारी और हार्श हो जाती हैं। जब महिलाएं बात करती हैं तो इरिटेटिंग क्वालिटी और कर्कशपन भी महसूस किया जा सकता हैवजन बढ़ना

थायराइड के कारण मेटाबॉलिज्म की दर धीमी पड़ जाती है। इसका मतलब यह कि आप जो खाना खाती हैं, उसका आपकी एनर्जी की आवश्यकताओं के लिए उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप, आपकी बॉडी में फैट का अस्पष्ट जमाव और वजन बढ़ना शुरू हो जाता है।जब थायराइड अंडरएक्टिव होता है तो शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिलती। जिसके कारण लगातार थकान और नींद आती रहती हैं। यहां तक कि किसी भी हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी के बाद भी व्यक्ति बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करता है। हायपरथायराइड से पीडि़त लोगों में मांसपेशी और जोड़ों में दर्द हो सकता है, खासकर बांह और पैर में। इसके अलावा बांह के ऊपरी हिस्‍से में दर्द भी हो सकता है।

अनियमित पीरियड्स और अवसाद

महिलाओं में पीरियड्स में अनियमितताएं शुरू हो जाती है। यह पहले की तुलना में लाइटर या हेवियर रूप में हो सकता है। इसके अलावा, कई महिलाओं में  दो पीरियड्स के इंटरवल में भी अनियमितता शुरू हो जाती है जैसे 28 दिन का साइकिल 40 दिन का बन सकता है।इस रोग से डिप्रेशन की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। एक शोध के अनुसार मानसिक तनाव का संबंध थायराइड हार्मोन्स का कम उत्पादित होना है परंतु डिप्रेशन के रोगी थायराइड परीक्षण नहीं कराते जिससे इस रोग का पता नहीं चल पाता।
थायराइड रोग का पता ब्‍लड टेस्‍ट से चलता है। डाक्टर उन महिलाओं को थायराइड का परीक्षण कराने की सलाह देते हैं जिनमें इस प्रकार के लक्षण पाए जाते है। यदि आपको भी ये समस्याएं हैं तो डाक्टर से परामर्श करके उचित इलाज कराएं।

 थकावट रहना

अगर बिना कोई काम किए शरीर थकावट या कमजोरी महसूस करने लगे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें क्योंकि मेटाबॉलिज्म पर थायरॉक्सिन के प्रभाव से खाया गया खाना एनर्जी में नहीं बदल पाता तो शरीर थकावट और कमजोरी महसूस करने लगता है। इसके अलावा थकान का कारण एनीमिया भी हो सकता है।

डिप्रैशन में रहना

अगर थायराइड ग्रंथि कम मात्रा में थायरॉक्सिन उत्पन्न करती है तो इससे डिप्रैशन वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं। डिप्रैशन से रात अनिंद्रा की प्रॉबल्म होती है। अगर आपको भी डिप्रैशन रहता है तो तुरंत किसी डॉक्टर से जांच करवाएं।

 सीने में दर्द होना

अगर आपको थायराइड है तो इससे दिल की धड़कन भी प्रभावित हो सकती है। दिल की धड़कन में होने वाली इसी अनियमितता के कारण सीने में तेज दर्द हो सकता है।

खाने का मन न होना

थायराइड होने पर भूख तेज लगने के बाद भी खाना नहीं खाया जाता, वहीं कई बार जरूरत से ज्यादा खाने पर वजन तेजी से कम होने लगते है।

सर्दी या गर्मी बर्दाश्त न होना

थायराइड होने पर मौसम का प्रभाव हमारे शरीर पर अधिक दिखाई देने लगता है। हाईपोथॉयरायडिज्म होने पर शरीर को न तो ज्यादा ठंड बर्दाश्त होती है और न ही ज्यादा गर्मी का मौसम। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो तुरंत जांच करवाएं।

 याददाश्त कम होना

थायराइड के कारण स्मरण शक्ति और सोचने-समझने की क्षमता  भी प्रभावित होती है। याददाश्त कमजोर हो सकती है और व्यक्ति का स्वभाव भी चिड़चिड़ा हो सकता है।

पेट में गड़बड़ी

थायराइड होने पर कब्ज की समस्या शुरू हो जाती है। जिस वजह से खाना पचाने में दिक्कत होती है साथ ही खाना आसानी से गले से नीचे नहीं उतर पाता।

 मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द

मांसपेशियों और जोड़ों में होने वाले दर्द को भी कोई आम समस्या न समझें और तुंरत डॉक्टरी जांच करवाएं क्योंकि यह थायराइड की समस्या भी हो सकती है।

.      डा. आकाश देवांगन – रायपुर ( छत्तीसगढ़ )
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Dr. Akash Dewangan , Raipur