ब्रेकिंग न्यूज : कद्दावर मंत्री श्री टी एस सिंहदेव ने बताया कि – निगम-मंडलों की नियुक्ति में क्यों हो रही है देरी…जानिये वजह और कब तक होगी इन नामों की लिस्ट जारी…

रायपुर 27 जून 2020। छत्तीसगढ़ में निगम मंडल के अध्यक्षों के नामों को लेकर लग रही अटकलों…और सोशल मीडिया में वायरल होती दावेदारों की लिस्ट के बीच एक बड़ा बयान पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का आया है। टीएस सिंहदेव ने कहा है कि अभी तक निगम मंडलों के नामों की लिस्ट ही जमा नहीं हुई है, लिहाजा लिस्ट में दो से तीन सप्ताह का वक्त लग सकता है। हालांकि उन्होंने ये जरूर संकेत दिये हैं कि नियुक्ति को लेकर सहमति और दावेदारों को लेकर मापदंड तय किये जा चुके हैं। बस नाम आते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी।

दरअसल पिछले दिनों जिस तरह से प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने 24 घंटे के दौरान कई दौर की मैराथन बैठक ली थी, उसके बाद से ही चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था कि एक-दो दिनों में लिस्ट जारी हो जायेगी। लेकिन आज आये मंत्री सिंहदेव के बयान ने साफ कर दिया है कि बैचेन बैठे दावेदारों को अभी कुछ दिन और गुजारना होगा। अपने बंगले में पत्रकारों से बातचीत में टीएस सिंहदेव ने कहा कि पीसीसी चीफ की तरफ से सभी से सुझाव मांगे गये थे। जिसके बाद सीनियर मंत्रियों ने सुझाव भी दिये थे।

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हालांकि खुद सिंहदेव ने स्वीकारा कि उन्होंने ही अभी तक नाम नहीं भेजे हैं, लिहाजा अगर देरी हो रही है, तो उसके लिए वो भी कहीं ना कहीं जिम्मेदार हैं। सिंहदेव ने कहा कि ..“निगम मंडलों में कितनों को पहली लिस्ट में जगह दी जाये, ये अभी तय नहीं हुआ है, 60 के आसपास निगम मंडल हैं, लेकिन सभी को एक साथ पद नहीं दिया जा सकता। निगम मंडल अध्यक्ष के अलावे उपाध्यक्ष, डायरेक्टर के पद है, जिनमें सीनियर लीडर्स है, विधायक और कुछ सामाजिक संगठनों से भी नाम जायेंगे… उनमें से किन-किन को क्या पद दिया जाये.. जिसे लेकर नामों की सूची पीसीसी चीफ को भेजी जा रही है। अब ज्यादा देरी नहीं होगी, क्योंकि कार्डिनेशन कमेटी, मुख्यमंत्री, पीसीसी चीफ सभी नियुक्ति के पक्ष में है। इसलिए एक महीने जितना लंबा वक्त नहीं लगेगा, 2 या तीन सप्ताह में नियुक्ति हो जायेगी”

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आपको बता दें कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के डेढ़ साल गुजर जाने के बाद भी अभी तक निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए कार्यकर्ता टकटकी लगाये बैठे हैं। हालांकि पहले प्रभारी पुनिया ने साफ कहा था कि समर्पित कार्यकर्ताओं को ही निगम-मंडल में मौका मिलेगा, लेकिन अब जिस तरह से संकेत आ रहे हैं, उसे देखकर कहा जा सकता है कि सीनियर विधायक व नेताओं को संतुष्ट करने के लिए कुछ निगम-मंडल में पद दिये जा सकते हैं। हालांकि सिंहदेव के बयानों पर गौर करें तो ये बात स्पष्ट हो गयी है कि नामों को लेकर अभी रायशुमारी में काफी कुछ बचा रह गया है…जिस पर आने वाले दिनों कांग्रेस चिंतन और चिंता दोनों करेगी।

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