सिटी न्यूज रायपुर – बीरगांव

छत्तीसगढ सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में सुशासन का दंभ भरते नजर आते है लेकिन राजधानी और रायपुर से लगा हुवा नगर निगम बीरगांव में सरकारी अस्पताल खुद वेंटिलेटर पर चल रही है, बीरगांव के गरीब मरीजों के साथ दूर्व्यवहार की शिकायतों के बावजूद डाक्टरों पर सरकार या लोकल जनप्रतिनिधियों का लगाम नही होने से मनमानी बढती जा रही है !!

बीरगांव – रांवाभाठा के सरकारी अस्पताल में आज एक गरीब गर्भवती महिला, अस्पताल के बाहर प्रसव पीडा से कराहती रही और उनके परिजन  बार बार अस्पताल में भर्ती करने डाक्टर  से आग्रह करते रहे , बावजूद बीरगांव के रांवाभाठा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के कर्ताधर्ता जिम्मेदार डाक्टरों ने दर्द से चिल्लाती गरीब महिला की चीख सुनकर भी अनसुनी कर दी,

ड्यूटी में उपस्थित जिम्मेदार डाक्टरों ने पहले कोरोना जांच कराकर रिपोर्ट लेकर आने की बात कहकर दुत्कार कर भगा दिया, प्रसव पीडा तेज होने की बात बताने पर भी महिला को भर्ती करने से इंकार कर दिया गया,  जब सरकारी डाक्टरों ने टालमटोल और इधर उधर की बात करते रहे तभी  प्रसव पीडा से कराहती महिला ने अस्पताल के बाहर ही खुले आसमान के नीचे  “बच्चे ” को जन्म दी, महिला की पीडा को देखकर वहीं आसपास खडी कुछ महिलाओं ने साडी का एक घेरा बनाकर परदा किया एवम् डिलीवरी कराने में मदद करी लेकिन अस्पताल के नर्स और डाक्टरों  के मदद नही मिलने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है, !!

जोगी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डा. ओमप्रकाश देवांगन ने बीरगांव सहित राजधानी रायपुर को शर्मशार करने वाली अमानवीय घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुवे कहा कि उक्त लापरवाही के दोषी ड्यूटी पर उपस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभी नर्स और जिम्मेदार डाक्टरों को बर्खाश्त करने की मांग की है, गरीबो की इलाज में कोताही बरतने वाले डाक्टरों को सस्पेंड करने की मांग को लेकर  सोमवार  को स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस सिंहदेव को भी मांगपत्र सौंपने की बात कही गई !!

डा . देवांगन ने बताया कि एैसे ही कई गंभीर शिकायतें पहले भी मिलती रही है फिर भी स्वास्थ्य विभाग या जनप्रतिनिधीगण ठोस कार्यवाही नही करते जिसका दूष्परिणाम है कि बीरगांव , उरला और रांवाभाठा के सरकारी अस्पतालों में बडी लापरवाही और गरीब मरीजों से दूर्व्यहार किया जाता है  !!

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