सिटी न्यूज के चीफ एडिटर – डॉ. आकाश देवांगन के कलम से…. 🖋

12 JUNE 2020 ,

सिटी न्यूज रायपुर – CN

बीरगांव नगर निगम में चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार, अब जमीन तैयार करने में जुटे,  कोरोना संक्रमण में जागरूकता के नाम पर बांट रहे राशन सामग्री और मास्क – सैनिटाइजर…!!

चुनाव आयोग और निगम प्रशासन भी कर रहा है तैयारी…

रायपुर – बीरगांव, आपको हम बता दें कि 17 जनवरी 2003 को बीरगांव ग्राम पंचायत को भंग करके छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी जी के द्वारा नगर पालिका परिषद् बनाया गया था , तब बीरगांव से जुड़े हुए  6 गांव उरला, अछोली, सरोरा, बिरगांव, उरकुरा और रांवाभाटा को मिलाकर बिरगांव नगर पालिका परिषद्  का गठन 30 वार्ड बनाकर किया गया था !

नगर पालिका के गठन के बाद  2 साल तक प्रशासक द्वारा नगर पालिका को चलाया गया,  वर्ष 2004 दिसंबर में बिरगांव नगर पालिका के 30 पार्षद और अध्यक्ष के लिए पहली बार चुनाव हुआ  जिसमें जनता ने डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन को बीरगांव नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष केेरूप में चुने थे,  दिनांक 12 जनवरी 2005 को 30 पार्षद सहित अध्यक्ष का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ !!


गौरतलब है कि बिरगांव नगर पालिका का दूसरे कार्यकाल हेतु बिरगांव नगर पालिका का पुनः परिसीमन कराया गया और 30 वार्ड से बढाकर बीरगांव नगर पालिका परिषद् को 35 वार्ड बनाया गया , जिसका निर्वाचन वर्ष 2009 के दिसंबर में हुआ तब बिरगांव नगर पालिका परिषद्  के 35  पार्षद सहित अध्यक्ष के रूप में लगातार दूसरी बार आम जनता ने डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन को चुना , बिरगांव नगर पालिका परिषद के दूसरेेे कार्यकाल का शपथ ग्रहण  जनवरी 2010 में हुआ  था  !!

वर्ष 2014 में तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी के सरकार द्वारा मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के करकमलोंं बीरगांव  नगर पालिका को 40 वार्ड बनाकर बीरगांव नगर पालिक निगम का दर्जा दिया गया तथा नये निगम का निर्वाचन  दिसंबर 2015 में कराया गया जिसमें  40 पार्षद सहित  प्रथम महापौर के रूप में श्रीमती अंबिका यदु को आम जनता के द्वारा सीधे महापौर चुनी गई  !!

बिरगांव नगर पालिक निगम के लिए अब  दिसंबर 2020 में चुनाव होना है जिसकी तैयारी चुनाव आयोग और नगर निगम प्रशासन ने भी चालू कर दिया है , हालांकि इस बार महापौर का चुनाव सीधे आम जनता द्वारा नहीं बल्कि निर्वाचित पार्षदोंं के द्वारा की जाएगी !

आपको हम बता दें की छत्तीसगढ़ में 2018 में श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में  कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रदेश में नगर निगम के महापौर चुनने , आम जनता को उनके  अधिकार से वंचित कर दिया गया है, अब निर्वाचित वार्ड पार्षदों के द्वारा महापौर का चुनाव किया जाने लगा है,  यही कारण है कि बड़ेेे-बड़े दिग्गजों को पहले पार्षद चुनाव लडना होगा, पार्षद चुनाव जीते जाने पर ही इच्छुक पार्षद,  महापौर की दावेदारी कर पाएंगे , इसलिए अब बड़े-बड़े दिग्गज वार्डों में सक्रिय हो गए हैं और जनता को लुभाने तरह-तरह के प्रयास उनकेे द्वारा किए जा रहेे हैं  !!!

गौरतलब हैै कि कोरोना संक्रमण में पार्षद चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों द्वारा वार्ड के लोगों में कोई राशन सामग्री बांट रहे हैं तो कोई असमर्थ बच्चों के स्कूल का फीस भी जमा कर रहे हैं, तो कुछ दावेदार कोरोना संक्रमण से बचाव के उपाय हेतु मास्क और सैनिटाइजर वगैरह फ्री मेंं घरो घर प्रत्येक व्यक्ति को बांटे जा रहे हैं, बीरगांव निगम के 40 वार्डों में चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार अपने अपने तरीके से अपना चुनाव प्रचार अभी से शुरू कर दिये है  !!

यह देखना लाजिमी होगा कि कुुुछ दिनों बाद बीरगांव निगम के 40 वार्डों का आरक्षण होना है, आरक्षण के बाद पता चलेगा की कौन सा वार्ड सामान्य हुआ हैै, कौन सा वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए और कौन सा वार्ड अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए तथा कौन सा वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुआ है , उसके बाद ही वार्डों में घमासान देखने को मिलेगा. !!

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