सिटी न्यूज रायपुर –  

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर से  6 दिसम्बर से चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस चेकिंग अभियान शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए  रायपुर एसएसपी ने बकायदा आदेश जारी कर दिए हैं।
शहर के चौक-चौराहों पर एक बार फिर यातायात पुलिस चेकिंग अभियान शुरू करने जा रही है। 5 दिसंबर तक शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस अभियान चलाएगी और  ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को पुलिस पहले तो समझाइश देगी, इसके बाद 6 दिसंबर से चालानी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर एस एस के आदेश का दुरूपयोग करते हुवे पचपेडी नाका के पास यातायात पुलिस के थाना प्रभारी मरकाम और उनके सहयोगी की मनमानी की शिकायत सिटी न्यूज से करते हुवे यशवंत यादव और मिथिलेश साहू ने कहा कि हम दोनो अपने ऱिश्तेदार को देखने बाइक से एम्स हास्पीटल गये हुवे थे वापसी में पचपेडी के पास दोपहर में मरकाम साहब के सहायक जतीन ने हमारी चलती गाडी के हेंडल को पकड कर अचानक रोका तो हम हडबडा गये और गिर गये, जिससे हमारी बाइक मरकाम साहब के पर्सनल गाडी से थोडी टकरा गई और उनके गाडी को हल्की खरोच आ गई ,, बाइक की चाबी छीनकर , गुस्से से आग बबूला मरकाम साहब ऩे हमें खूब गाली दी, और कार को पेंटिग कराने 2500 रूपये की मांग किये,, जब हमने इतना पैसा देने में असमर्थता जाहिर किये तो चार घंटा हमें चौकी में बिठाकर धमकाते रहे और घर से पैसे मंगाने दबाव डालते रहे,, जब हमने जैसे तैसे 1500 रूपये की व्यवस्था कर मरकाम साहब को दे रहे थे तो पुरे पैसे नही होने पर गुस्से से पैसे को फेंककर मुंशी से चालान बनाने कहते हुवे कहा कि यातायात के उल्लंघन का जितना धारा है सब धारा इन पर लगाके चालान काटके कोर्ट भेज दो ,, उन्होने हमारी एक भी विनती नही सुनी, हम गिडगिडाते रहे और मरकाम साहब गाली बकते रहे आखिरकार रात को 9 बजे चालान काटकर हमें थमा दिये और बोले जब कोर्ट में पैसा जमाकर रसीद लावोगे तब बाइक ले जाना  !!
आज जब हम कोर्ट गये तो वहां सी जी एम साहब ने इतना धारा देखकर आश्चर्यचकित हो गये और कानून के अनुसार 11, 500,, ग्यारह हजार पांच सौ रूपये जमा करने कहा ,, मजबूरीवश थाने में जब्त बाइक को मित्र के पास गिरवी रखकर उधारी लेकर ग्यारह हजार रूपये जमा करके बाइक को थाने से छुडाया गया  !!
इस प्रकार का अत्याचार ट्राफिक पुलिस यदि करे तो बेचारे बाइक सवार कंहा जायेगें,, पहली तो गलती ट्राफिक पुलिस की है कि टी आई मरकाम अपने खुद के प्राइवेट कार को रोड के बीचो बीच खडी रखने का अधिकार किसने दिया  !
यदि पीडित के बाइक से टी आई के कार को खरोच आई तो एक्सीडेंट का मामला क्यों नही बनाया  !
जब बाइक सवार के पास सभी कागजात थे और टी आई को दिखाये भी गये तो बदले की भावना से गरीब बाइक सवार जो कि हास्पीटल से वापस आ रहे थे उन पर बिना कागजात के अलावा हेलमेट, मास्क, बिना लाइसेंस, जैसे झूठे आरोप लगाकर 2500 रूपये नही देने पर भारी भरकम ग्यारह हजार रूपये जुर्माना लगवा दिया !!
कोरोनाकाल में एक एक पैसा के लिये जूझ रहे गरीब आदमी पर राजधानी पुलिस का यह संवेदनहीन चेहरा पता नही रोज कितने वाहन चालकों के साथ अत्याचार करते होंगे !!
एस एस पी और डी जी जैसे उच्च अधिकारियों की मंशा अवैध वसूली नही बल्कि यातायात व्यवस्था सुधारना है लोगों को सचेत और जागरूक करना है, लेकिन राजधानी के ट्राफिक पुलिस तो विशेषकर पचपेडी नाका की पुलिस ट्राफिक क्लीयर कराने के बजाय खुद निजी कार को बीच सडक पर खडी कर ट्राफिक जाम करते है और एकमात्र उददेशय अवैध वसूली ही नजर आता है , इनके करतूतों से राजधानी रायपुर ट्राफिक पुलिस की छबी धुमिल हो रही है  !
लोकल छत्तीसगढिया भाई यशवंत यादव और मिथिलेस साहू ने रोते रोते सिटी न्यूज से कहा कि हमें न्याय तभी मिलेगा जब ट्राफिक टी आई मरकाम पर कडी कार्यवाही होगी नही तो स्वार्थ पुरा नही होने पर ये अधिकारी पद और पावर का दुरूपयोग कर मेरे जैसे कईयों और भाईयों को झूठे इल्जाम लगाकर, डरा, धमकाकर रोज लुटते रहेगें, इस मामले में न्यााय नही मिलने पर न्यायाालय की शरण मे जाने मजबूर होना पडेगा  !!