छत्तीसगढ़ में सरकार के आदेश के बाद भी नहीं चलाई जाएंगी यात्री बसें, ये है कारण

26 june 2020,

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रायपुर. राज्य सरकार के आदेश के बाद भी ऑपरेटरों ने बसों का संचालन करने पर असमर्थता जताई है। साथ ही 6 माह का टैक्स माफ करने, किराया बढ़ाने, नॉन यूज बसों को बिना टैक्स लिए खड़ी करने की अनुमति देने और स्लीपर बस का टैक्स एक सीट का लेने की मांग की गई है। इसे पूरा करने पर ही बसों को संचालन करने का निर्णय लिया है। वहीं अपनी मांग को लेकर शासन पर दबाव बनाया है।

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छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ और बस ऑनर्स एशोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मांग पूरी होने पर ही वह बसों का संचालन करेंगे। राज्य सरकार द्वारा जिले के अंदर और एक जिले से दूसरे जिले के लिए बसों के संचालन की अनुमति दी। यात्री, ड्राइवर और कंडक्टर मास्क पहनेंगे। बस में गुटखा, तम्बाकू और धूम्रपान करना प्रतिबंधित रहेगा।

ड्राइवर-कंडक्टर की ड्यूटी बारी-बारी से कराने और रोजाना सेनिटाइज करना अनिवार्य कर दिया गया है। बस मालिकों द्वारा इससे इंकार किए जाने और मांग रखने से पूरा मामला अटक गया है।

गलत फीडबैक देने का आरोप

परिवहन विभाग के अफसरों पर बस मालिकों ने गलत फीडबैक देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बसों के संचालन से लेकर फिल्ड में होने वाली परेशानी से वह वाकिफ है। राजस्थान में 1 अप्रैल से 30 जून तक का 100 फीसदी, 1 जुलाई से 31 जुलाई तक 75 फीसदी, 1 अगस्त से 31 अगस्त तक का 50 फीसदी और 1 सितंबर से 30 सितंबर 2020 तक का 25 फीसदी टैक्स माफी दी गई है।

लेकिन छत्तीसगढ़ में मात्र दो माह का टैक्स माफ किया गया है। इस आदेश के चलते वह अपने घरों का पैसा लगाकर किस तरह बसों का संचालन करेंगे।

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मंत्री करेंगे चर्चा

बस मालिकों के रूख को देखते हुए परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर शुक्रवार को वीडियों काफ्रेंसिग के जरिए सीधी बातचीत करेंगे। साथ ही उनकी समस्याओं और राज्य सरकार का पक्ष रखेगें। बता दें कि गुरुवार को दुर्ग में सभी 28 जिलों के बस मालिकों, यूनियन के अध्यक्ष और महासचिव की बैठक बुलाई गई थी।

इस दौरान सभी ने मांगे पूरी करने पर ही बसों का संचालन नहीं करने और राज्य सरकार द्वारा ठोस निर्णय लिए जाने पर ही विचार करने पर सहमति बनी है। बता दें कि बैठक में प्रमुख रूप से बस मालिक एवं रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा, भावेश दुबे, संघ के विधि सलाहकार शिवेश सिंह, अजय गिल सहित अनेक लोग शामिल हुए।

सरकार पर बनाया दबाव

बस मालिकों का कहना है कि बिना उनका पक्ष जाने बगैर ही एकतरफा फैसला लिया गया है। साथ ही दर्जनभर शर्ते जबरन लगा दी गई है। रात के समय धारा 144 लगाने के कारण रायपुर से जगदलपुर रात्रिकालीन बसों का संचालन ही नहीं किया जा सकता है।

बसों के निकलने पर उसे आधे रास्ते में खड़ा करना पड़ेगा। वहीं रोड टैक्स दिए जाने के बाद भी टोल टैक्स वसूल करने से वह किस तरह से बसों का संचालन करेंगे।

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