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अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के साथ इसकी एक दूसरी वजह कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आकर हाई रिस्क के अलावा प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वालों में संक्रमण होना भी बताया जा रहा है। राजधानी में रविवार को मिले 9 कोरोना संक्रमित मरीजों में 4 प्राइमरी कॉन्टेक्ट वाले शामिल थे।

राजधानी में रविवार को मिले 9 संक्रमित मरीजों में 4 प्राइमरी कॉन्टेक्ट वाले

रायपुर. अन्य राज्यों से आने वाले लोगों के साथ इसकी एक दूसरी वजह कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आकर हाई रिस्क के अलावा प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वालों में संक्रमण होना भी बताया जा रहा है। राजधानी में रविवार को मिले 9 कोरोना संक्रमित मरीजों में 4 प्राइमरी कॉन्टेक्ट वाले शामिल थे। इसी तरह करीब 8-10 दिन पहले बिरगांव के निजी फैक्ट्री में एक मजदूर की मौत हुई थी।

उसके प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वाले करीब 3 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन (माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, बच्चे व परिवार के अन्य सदस्य) हाई रिस्क वाले रहते हैं, क्योंकि वे अधिकतर समय पीडि़त के साथ रहते हैं। कोरोना सैंपल की जांच रिपोर्ट आने से पहले पीडि़त परिजनों को छोड़ जिन-जिन लोगों से मिलता है, वह प्राइमरी कॉन्टेक्ट वाले कहलाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में कोरोना का पहला केस सामने आया था। पीडि़ता के भाई, पिता, दादा व अन्य परिवार के सदस्यों का सैंपल जांच हुआ था। प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वाले 50 से ज्यादा लोगों का भी सैंपल जांच हुआ, लेकिन कोई पॉजिटिव नहीं मिला था। विगत कुछ दिनों से प्राइमरी कॉन्टेक्ट वालों के संक्रमित होने की संख्या में वृद्धि हुई है।

मरीज में यदि वायरस लोड अधिक है और सामने वाले की इम्युनिटी पॉवर कमजोर है तो संक्रमण जल्दी फैलता है। बाहर निकलते समय मास्क व ग्लब्स जरूर लगाएं। कोरोना से बचने का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेंसिंग हैं, जिसका पालन जरूर करें।

डॉ. अजॉय बेहरा, नोडल अधिकारी (कोरोना वायरस), एम्स, रायपुर

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