रायपुर, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कोरोना (कोविड-19) की वजह से मरने वालों के स्वजनों  को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके लिए जिलों में आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। केंद्र सरकार ने इस सहायता राशि के पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अभी तक केवल उन्हीं मृतकों के स्वजनों को राशि देने की गाइडलाइन थी, जिनके पास कोरोना से मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र था, लेकिन अब इसके मापदंडों में बड़ा बदलाव किया गया है।

  • केंद्र सरकार ने अनुग्रह राशि देने के मापदंडों में किया बड़ा बदलाव

राजस्व सचिव रीता शांडिल्य के अनुसार केंद्र से मिले नए दिशा-निर्देशों के आधार पर अब अनुग्रह राशि का वितरण किया जाएगा। यह राशि केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न् योजनाओं के तहत दी गई आर्थिक सहायता के अतिरिक्त होगी। उन्होंने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड-19 मौत नहीं लिखा होने के आधार पर अनुग्रह राशि का आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता।

अब इस आधार पर तय होगी कोरोना से मौत

  • – ऐसे जांच और उपचार संबंधी दस्तावेज जिससे यह स्पष्ट होता है कि मृत्यु कोविड-19 के कारण हुई है।
  • – मृत्यु के प्रमाणीकरण संबंधी शिकायत होने पर पीड़ित व्यक्ति जिला स्तर पर समिति से संपर्क कर सकता है।
  • – यदि मृतक की आरटीपीसीआर, मालिक्यूलर टेस्ट, आरएटी रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई हो या अस्पताल, रोगी सुविधा केंद्र में चिकित्सक की जांच कोविड-19 निर्धारित किया गया हो।
  • – परीक्षण की तारीख से कोविड-19 या चिकित्सकीय रूप से कोविड-19 निर्धारित होने के 30 दिन के भीतर होने वाली मृत्यु। भले ही मृत्यु अस्पताल, रोगी सुविधा केंद्र के बाहर हुई हो।
  • – अस्पताल, रोगी सुविधा केंद्र में कोविड-19 के ऐसे मामले जिनमें मरीज 30 दिनों से अधिक समय तक भर्ती रहा और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।
  • – कोविड-19 के ऐसे मामले जो हल नहीं हुए हैं और ऐसे व्यक्तियों की मृत्यु अस्पताल या घर में हुई हो।
  • – कोविड-19 पाजिटिव पाए जाने के 30 दिनों के भीतर यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है।
  • – पहले से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र के मामले में यदि मृतक के स्वजनों को आपत्ति है तो उसे सुधारा जाएगा।

सभी जिलों में बनेगी मृत्यु प्रमाणीकरण समिति

सभी जिलों में एक समिति बनाई जाएगी। इसमें अतिरिक्त जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, विभागाध्यक्ष मेडिसिन (यदि मेडिकल कालेज जिले में स्थित है) और एक विषय विशेषज्ञ होंगे जो आवश्यक दस्तावेजों के परीक्षण और सत्यापन के बाद कोविड-19 से मृत्यु के संबंध में अधिकारिक प्रमाण-पत्र जारी कर सकेंगे।

अस्पतालों को देना होगा दस्तावेज

सभी संबंधित अस्पताल जहां रोगी को भर्ती कराया गया था और उपचार किया गया था, मृतक के स्वजनों के मांगने पर उपचार संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा। ऐसा नहीं होने पर स्वजन शिकायत निवारण समिति में शिकायत कर सकते हैं।