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कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने केन्द्र सरकार औैर प्रधानमंत्री मोदी से कोरोना के ईलाज में उपयोगी दवाइयों की कीमत कम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि रेमडेसीवीर, फेबिपिरावीर, आइवरमेकटीन जीवनरक्षक दवाओं के उत्पादकों को पांच कंपनी से बढ़ा कर पचास कंपनियों से करवाई जाए। तिवारी ने कहा कि रेमडेसीविर इंजेक्शन कोरोना संक्रमित मरीजों को लगाया जाता है।

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यह इंजेक्शन महंगा होने के कारण आम लोगों के पहुंच से दूर है। उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि इन सभी दवाओं काे कम से कम कीमतों पर मरीजों को उपलब्ध कराएं, जिससे लोगों को कोरोना महामारी से लड़ने में मदद मिल सके। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने यह दुर्भाग्य की बात है ऐसे विपरीत समय में भी भाजपा को आम लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। बल्कि इवेंट मैनेजमेंट के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न कर रही है। दरअसल मोदी सरकार से कोरोना महामारी रोकने में हुई लापरवाही को आरएसएस भाजपा इवेंट कर ढंकना चाहती है।

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खाद को महंगा करना सरासर गलत: त्रिवेदी
कांग्रेस ने खाद की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी को किसानों पर केंद्र की मोदी सरकार का एक और हमला करार दिया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला ने खाद के दामों में बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की है। पिछले वर्ष 50 किलो डीएपी की एक बोरी की कीमत 1200 रुपए थी। डीएपी की बोरी अब 1900 रुपए में मिलेगी। वर्ष 2010 में डीएपी बोरी की कीमत 467.50 रुपए थी।