नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आतकंवाद से निपटने में ‘ब्लैक पैंथर’ काफी मददगार साबित होगा।  जम्मू-कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने राजौरी के लिए ब्लैक पैंथर कमांडो वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि कमांडो वाहन को मॉडिफाइड किया गया है ताकि जब भी इस गाड़ी को ऑपरेशनल जगह पर ले जाया जाए तो वहां मौजूद अधिकारी उस इलाके का पूरा जायजा ले सके। उन्होंने बताया कि यह वाहन CCTV कैमरे, लाइव स्ट्रीमिंग और अपग्रेडेड टेक्नोलॉजी से लैस है। हम इसे जिला स्तर पर ले जाने का प्रयास करेंगे।

नगरोटा एनकाउंटर का उदाहरण देते हुए डीजीपी ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान इस्तेमाल किया गया कमांड व्हीकल आतंकवादियों को कुशलता से बेअसर करने में बेहद उपयोगी साबित हुआ। डीजीपी ने कहा कि हमारे समर्पित बल की दक्षता और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कश्मीर जोन के सभी रेंजों को वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जम्मू जिले को वाहन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

वाहनों में है अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा
डीजीपी ने ऑपरेशन कमांड वाहनों का निरीक्षण किया जिन्हें अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं और निगरानी प्रणालियों के साथ उन्नत किया गया है। इस अवसर पर डीजीपी को एडीजीपी मुख्यालय, पीएचक्यू और विशेषज्ञों की टीम द्वारा प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए जोड़े गए विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई।

सर्विलांस सस्टिम की मदद से गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
इन वाहनों में लगे सर्विलांस सिस्टम की मदद से हम किसी भी आपात स्थिति में काफी हद तक पूरे इलाके और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेंगी। आतंकवादियों की तलाश कर उन्हें डेर किया जा सकेगा।

एसी वाहन, 15 कैमरे सुविधा
वाहन पूरी तरह से वातानुकूलित हैं। 14 सीसीटीवी कैमरे, पीटीजेड कैमरा, 360 डिग्री व्यू कैमरा, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, फ्लैशलाइट, उन्नत चिकित्सा किट, पावर बैकअप और अन्य सुरक्षा प्रणालियों से लैस हैं।