आज 1 जुलाई से पुन: शुरु हो रही है जंगल सफारी – कोरोना के चलते करीब 100 दिन बाद फिर हो रहा शुरू जंगल सफारी

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रायपुर, एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी की आबोहवा पर्यटकों सहित वन्यजीवों को खूब रास आ रही है। सफारी की खासियत है कि बीते तीन साल में वन्यजीवों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। सफारी शुरू होने के समय जहां चार शेर थे।वहां अभी इनकी संख्या बढ़कर 11 हो गई है। कोरोना के चलते करीब 100 दिन बाद जंगल सफारी 1 जुलाई से पुन: शुरु हो रही है। जंगल सफारी टाइगर, लायन, वाइट टाइगर, तेंदुआ, कछुआ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल, हिमालयन भालू, गोह, हिरण, वन भैंसा आदि पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र हैं। नवा रायपुर के सेक्टर -39 में जंगल सफारी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। जंगल सफारी का पूरा 800 एकड़ का क्षेत्र सुंदर और हरा भरा है। बारिश में जंगल सफारी में हरीतिमा बढ़ जाती है। यहां का आकर्षक नजारा हर किसी को आकर्षित करता है। स्वदेशी पौधों की कई प्रजातियां और वनस्पतियां हैं, जो जानवरों के लिए प्राकृतिक आवास बनाती हैं। सफारी में 130 एकड़ का खंडवा जलाशय प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है। जंगल सफारी में चार सफारी-शाकाहारी वन्यप्राणी सफारी, भालू सफारी, टाइगर सफारी और शेर सफारी हैं। शाकाहारी वन्यप्राणी सफारी 30 हेक्टेयर क्षेत्र में और बाकी 20-20 हेक्टेयर क्षेत्र में हैं। आने वाले दिनों में चिड़ियाघर में 32 और प्रजातियों के पक्षी प्रदर्शित किए जाएंगे। जंगल सफारी का पूरा क्षेत्र 5 मीटर की ऊंचाई वाले चेन लिंक बाड़ से घिरा है। जंगल सफारी में 37 बाड़ों का निर्माण किया जाना है। दस बाड़ों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इनमें से सात बाड़ों को पुरानी तर्ज पर बनाया गया है, लेकिन तीन बाड़े पैंथर, गोह और ऊदबिलाव के बाड़ों को हाइटेक बनाया गया है। तीनों बाड़ों में पारदर्शी ग्लास लगाया गया है, जिससे इन प्राणियों को पर्यटक आसानी से देख सकते हैं।

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