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अलर्ट जारी : रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों को बारिश ने डुबाया ; नदी-नाले उफान पर, ग्रामीण क्षेत्रों में मकान गिरे ; देखिये हर जगह की तस्वीरें

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रायपुर . राजधानी में मानसून तंत्र मजबूत होने बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला गुरुवार देर रात तक जारी रहा। रात 8.30 बजे तक शहर में 170 मिमी. बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों और कॉलोनियों के घरों में पानी भर गया। प्रमुख मार्गों पर भी पानी भरा रहा। कुछ जगहों पर कई पेड़ धराशाही हो गए। पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने एक पेड़ गिरने से पूरा रास्ता जाम हो गया, जिससे राहगीरों को आवाजाही के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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आज भी भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि रायपुर संभाग में शुक्रवार को भी भारी बारिश की संभावना है। उन्होंने बताया कि भादो में रायपुर जिले में बारिश का कोटा पूरा होने की उम्मीद है। लगातार बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में काफी गिरावट आई है।

इन जिलों में भी अलर्ट

मौसम विभाग में आगामी 24 घण्टे तक प्रदेश के रायगढ़, जांजगीर चांपा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलोदा बाजार जिले में भारी भारी की चेतावनी जारी किया है।

नाली का पानी सड़कों पर

लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों की नदियां उफान पर हैं। इन इलाकों में नालियों का गंदा पानी दिनभर सड़क पर बह रहा था। कुछ घरों में तो बारिश के पानी के साथ नाली का पानी भी घुस रहा था। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर भी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से पानी भरा रहा। सबसे ज्यादा समस्या मोतीबाग सालेम स्कूल के पास, नगर निगम मुख्यालय के पास, जीई रोड में एनआईटी के पास और जयस्तंभ चौक के पानी भरने के कारण रही।

ये तस्वीर कोरबा की है। भारी बारिश और तेज़ हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दादर व सीतामणी स्थित नाले उफान पर हैं। कई कच्चे घर और तेज़ हवाओ से जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं।

  • तीन दिन से प्रदेश के कई जिलों में जारी लगातार बारिश ने बिगाड़े हालात
  • मुख्य मार्ग, हाईवे पानी में डूबे, नदी, नाले, तालाब सड़क पर, घरों में घुसा पानी

सावन बीत गया है, लेकिन भादो में इतनी बारिश हो रही है कि रिकॉर्ड टूट गया है। रायपुर सहित प्रदेश के कई जिले पानी-पानी हो गए हैं। मुख्य मार्ग, हाईवे पानी में डूबे हुए हैं। नदी-नाले, तालाब सब उफान पर हैं। पानी सड़कों पर आ गया है और लोगों के घरों में घुस रहा है। ग्रामीण इलाकों में कई मकान गिर गए हैं। सारा जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। देखिए कैमरे की नजर से।

ये तस्वीर जांजगीर जिले में न्यूवोको विस्टास सीमेंट प्लांट स्थित कॉलोनी की है। यहां पर रात 3 बजे से हुए जलभराव के कारण कई लोग फंस गए। प्रशासन की टीम उन्हें रेस्क्यू करने के लिए पहुंची। ये

ये तस्वीर जांजगीर जिले में न्यूवोको विस्टास सीमेंट प्लांट स्थित कॉलोनी की है। यहां पर रात 3 बजे से हुए जलभराव के कारण कई लोग फंस गए। प्रशासन की टीम उन्हें रेस्क्यू करने के लिए पहुंची। ये

ये तस्वीर बिलासपुर में बिल्हा के बंधवापारा सेमरा की है। तालाब ओवर फ्लो होने के कारण पानी गांव के अंदर भर गया है। इसके कारण लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।

ये तस्वीर बिलासपुर में बिल्हा के बंधवापारा सेमरा की है। तालाब ओवर फ्लो होने के कारण पानी गांव के अंदर भर गया है। इसके कारण लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।

ये तस्वीर रायपुर में अंबुजा मॉल के सामने से निकलने वाले छोकरा नाले की है। बारिश में 15 फ़ीट ऊपर बह रहा है। सड़क पर इतना पानी है कि नाला कहां बह रहा पता ही नहीं चल रहा है।

ये तस्वीर रायपुर में अंबुजा मॉल के सामने से निकलने वाले छोकरा नाले की है। बारिश में 15 फ़ीट ऊपर बह रहा है। सड़क पर इतना पानी है कि नाला कहां बह रहा पता ही नहीं चल रहा है।

यह तस्वीर दुर्ग जिले की है। महमरा एनीकट के पास साढ़े 8 फीट पानी ऊपर चल रहा है। मौका का जायजा लेने के लिए कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे पहुंचे। वहीं पानीमोंगरा, घुमारिय और सूखा नाला जलाशय से करीब 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।

यह तस्वीर दुर्ग जिले की है। महमरा एनीकट के पास साढ़े 8 फीट पानी ऊपर चल रहा है। मौका का जायजा लेने के लिए कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे पहुंचे। वहीं पानीमोंगरा, घुमारिय और सूखा नाला जलाशय से करीब 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है।

कवर्धा सकरी नदी उफान पर है। इसके कारण रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे बंद हो गया है। कवर्धा से पोंडी तक करीब 13 किमी लंबा जाम है। ट्रकों की लंबी लाइन लगी है।

कवर्धा सकरी नदी उफान पर है। इसके कारण रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे बंद हो गया है। कवर्धा से पोंडी तक करीब 13 किमी लंबा जाम है। ट्रकों की लंबी लाइन लगी है।

ये तस्वीर बिलासपुर की है। खुलता घाट डैम की है। डैम में काफी पानी भर चुका है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उसे देखने के लिए पहुंचे हैं।

ये तस्वीर बिलासपुर की है। खुलता घाट डैम की है। डैम में काफी पानी भर चुका है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उसे देखने के लिए पहुंचे हैं।

ये तस्वीर बिलासपुर शहर की है। बारिश के चलते सड़कें टूट चुकी हैं और कई जगह धंस गईं हैं। वहीं निचली बस्तियों में लोगों के घरों में पानी भर गया है। ज्यादातर घरों की ऐसे ही हालत है।

ये तस्वीर बिलासपुर शहर की है। बारिश के चलते सड़कें टूट चुकी हैं और कई जगह धंस गईं हैं। वहीं निचली बस्तियों में लोगों के घरों में पानी भर गया है। ज्यादातर घरों की ऐसे ही हालत है।

बलौदाबाजार में भी स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। हाईवे से लगते हुए गांवों में बारिश का पानी भर गया है। यहां मगरछेपा गांव बारिश के पानी में डूब गया है और पांच लोग फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने की जद्दोजहद चल रही है।

बलौदाबाजार में भी स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। हाईवे से लगते हुए गांवों में बारिश का पानी भर गया है। यहां मगरछेपा गांव बारिश के पानी में डूब गया है और पांच लोग फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने की जद्दोजहद चल रही है।

ये तस्वीर दुर्ग जिले की है। लगातार हो रही बारिश के बाद दिन में रात जैसा अंधेरा हो गया। इसके चलते वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी।

ये तस्वीर दुर्ग जिले की है। लगातार हो रही बारिश के बाद दिन में रात जैसा अंधेरा हो गया। इसके चलते वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी।

     

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