Thursday, May 6, 2021
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अत्यंत दयनीय : कोरोना ने मचाया राजधानी में चौतरफा हाहाकार : कोरोना ने शहर में किया मौत का ‘तांडव’ : अस्पतालों में बेड फुल, अस्पताल के बाहर हांफते मरीज  इलाज के अभाव में तडप तडप कर तोड रहे दम : शव जलाने भी जगह नहीं, हालात बद से बदतर…!!

अत्यंत दयनीय कोरोना ने मचाया राजधानी में चौतरफा हाहाकार – मौत का ‘तांडव’, अस्पतालों में बेड फुल, अस्पताल के बाहर हांफते मरीजों का इलाज के लिये लगी लंबी लाइन,  इलाज के अभाव में तडप तडप कर मर रहे है लोग,, शव जलाने भी जगह नहीं, हालात बद से बदतर…!!

चीन से शुरू हुवा कोरोना का वायरस भारत में खूब तबाही मचा रहा है. कोरोना के बढ़ते केस के साथ मौत का ‘तांडव’ भी जारी है. कोरोना का कोहराम अभी दूसरी लहर में ज्यादा घातक साबित हो रहा है. जिस कारण हालात बद से बदतर हो गई है. देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ है. राजधानी की स्थिति बेकाबू हो गई है. मानो कोरोना का ‘जिन्न खून का प्यासा’ हो. रायपुर में कोरोना से मौतों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है. 9 अप्रेल से  राजधानी की सड़कें विरान होने वाली है. लोग घरों में कैद हो जाएंगे. 

राजधानी प्रदेश का हॉटस्पॉट बना हुआ है. रायपुर में कोरोना से जंग लड़ने व्यवस्था काफी लचर है. सक्रिय मरीजों की तुलना में एक तिहाई बेड नहीं है. आईसीयू में भी मरीज भटकने को मजबूर हैं. रायपुर जिले में पांच कोविड अस्पताल हैं, जहां 924 बेड हैं. जिसमें जनरल बेड 530, ऑक्सीजन सपोर्ट बेड 370 है. वहीं अभी रायपुर में 13 हजार 107 एक्टिव केस हैं.

राजधानी के सभी कोविड अस्पतालों में बेड फुल

रायपुर में माना कोविड हॉस्पिटल, लालपुर कोविड हॉस्पिटल, आयुर्वेदिक कोविड हॉस्पिटल, फुंडहर कोविड सेंटर, धरसीवा एवं तिल्दा कोविड हॉस्पिटल है. ये सभी अस्पताल फुल हैं. अब हालात ये हो गए हैं कि इलाज नहीं मिलने से मरीजों की मौत हो रही है. इस बात को नाकारा नहीं जा सकता है. गंभीर स्थिति होने के बावजूद अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है. ऐसी स्थिति निजी अस्पताल में अच्छी खासी रकम देकर इलाज कराना पड़ता है या फिर मौत का इंतजार रहता है.

सिटी न्यूज रायपुर ऱाजधानी की जनता से अपील करती है कि भयावह स्थिति से निपटने कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन अवश्य करें,. मास्क और दो गज की दूरी – बेहद जरूरी हो गया है. इसके साथ ही अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने पर जोर दें. जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी. आप चुस्त और दुरुस्त रहेंगे. तब आप कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बच सकेंगे. तभी कोरोना पर काबू भी पाया जा सकेगा. !

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बता दें कि कोरोना के बढ़ते स्थिति को देखते हुए रायपुर में 10 दिन के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है. 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक रायपुर टोटल लॉकडाउन रहेगा. जिले की सभी सीमाएं सील रहेंगी. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहेगा. !!

लॉकडाउन लगाना बहुत ही अनिवार्य हो गया था, केरोना ने रायपुरियंस का कमर तोड दिया है,  रायपुर में हालात ये हैं कि शवों के जलाने के लिए मुक्तिधाम में जगह कम पड़ गए हैं. जिले के सभी कोविड अस्पताल के बेड फुल हो गए हैं. ऐसे में लोग प्राइवेट का सहारा ले रहे. निजी अस्पताल में बेड जरूर मिल रहा है, लेकिन अच्छी खासी मोटी रकम चुकानी पड़ रही है.

अत्यंत दयनीय कोरोना

कोरोना से हो रहे मौतो ने शहर को हिलाकर रख दिया है, आज देवेंद्र नगर स्थित मुक्तिधाम की हालात काफी भयावह थी. शव जलाने के लिए जो शेड बनाए गए थे, वो भर चुके थे. शेड के भर जाने की वजह से सीढ़ियों के पास ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. इस तरह मरने के बाद लोगों को दो गज की जमीन नसीब नहीं हो रही है.

यही हाल महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम का है. जहां स्थिति ज्यादा खराब दिखी. जगह के अभाव में शेड के बाजू में रोड पर ही शव को जलाया जा रहा था.  बहुत ही दर्दनाक और दयनीय मंजर नजर आया, इस संकट के समय में “सिटी न्यूज” शहर के  आमजनों से ऩिवेदन करता है कि कोविड – 19 तथा लॉकडाउन के लिये बनाये गये नियमों का सख्ती से पालन करें ,  !!  सुरक्षा ही बचाव है  !!!