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  • छत्तीसगढ़ में कोरोना से अत्यंत चिंताजनक हालत

  • काफी देर तक मुख्य सचिव सभी की बातें सुनते रहे, आखिरी में उन्होंने अपनी तरफ से जरूरी कदम उठाने का आश्ववासन दिया।

कोविड-19 के बढ़ते संकट के बीच सरकारी लचर व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग लेकर भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता शुक्रवार को चीफ सेक्रेटरी से मिले। बंद कमरे में कुछ देर चली बातचीत में विपक्ष के दिग्गजों ने प्रदेश में बिगड़ते हालातों की ओर प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासनिक अफसर का ध्यान केंद्रित किया। सांसद सुनील सोनी ने इस मुलाकात के बारे में बताया हमने उनसे कहा कि यदि केंद्र से किसी तरह की सहायता की जरूरत है तो हमें बताएं, हम पूरा सहयोग करेंगे। मगर लोगों को यहां सुविधा तो मिले। राज्य को 230 वेंटिलेटर दिए गए, यह बताएं कि कितना और कहां इस्तेमाल हुआ। नहीं हुआ है तो करें, वेंटिलेटर ऐसी मुश्किल स्थिति में इस्तेमाल करने के लिए ही तो हैं न।

छत्तीसगढ़ में कोरोना से अत्यंत चिंताजनक हालत भाजपा नेताओं ने कहा कि पूरी तरह से गैर राजनीतिक मुलाकात थी, हमारा मकसद लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पूरी तरह से गैर राजनीतिक मुलाकात थी, हमारा मकसद लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है।

अस्पतालों में दर तय करने की मांग
भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधी मंडल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल, कौशिक सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर शामिल थे। सभी ने कहा कि जो तैयारी पूर्व में होनी थी, वह कहीं नहीं दिखती है। अस्पतालों मे बिस्तरों की समस्या है। वेटिलेंटर व ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी हो रही है। दवा मंहगे दर पर बेचे जाने की शिकायत लगातार मिल रही है। रोजमर्रा की चीजों की कालाबाजारी हो रही है। इस पर ठोस कार्रवाई करें। पूरे प्रदेश में कोरोना के उपचार के नाम पर निजी अस्पतालों में वसूली हो रही है, इसकी एक निर्धारित दर तय की जाए।

बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर सभी जानकारी लोगों को क्यों नहीं दे रहे
सांसद सुनील सोनी ने यह भी बताया कि हमने चीफ सेक्रेटरी से पूछा कि आखिर क्यों वो बेड्स की जानकारी, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड की जानकारी लोगों को नहीं दे रहे। किसी ऑनलाइन डोमेन पर या हेल्पलाइन नंबर के जरिए ये सबकुछ लोगों को बताइए। आम आदमी परेशान होता रहता है इमरजेंसी की स्थिति में। भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने कोविड केयर सेंटर की संख्या बढ़ाने और लोगों को बेड और अस्पताल की जानकारी देने पर जोर दिया।

वहीं प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच व्यवस्था डगमगाई…

छत्तीसगढ़ में कोरोना की दूसरी लहर के बीच व्यवस्था की सांस फूल गई है। एक-दो दिन पहले के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 68125 मरीज हैं। इनमें से 2800 से अधिक को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। स्थितियां इतनी बुरी हैं कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में ऑक्सीजन वाला बेड मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल आने वाले हर पांचवे मरीज में सांस लेने में तकलीफ दिख रही है। ऐसे में अस्पतालों में अधिक से अधिक ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था बनानी पड़ेगी। रायपुर के अस्पतालों पर मरीजों की भीड़ का भारी दबाव है। रायपुर AIIMS में कोई बेड खाली नहीं मिल रहा है। रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भी कुछ ऐसा ही हाल है। अस्पताल में मरीजों को ICU और वेंटिलेटर सुविधा देने के लिए मेडिसिन विभाग के मरीजों को DKS सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। वहीं रायपुर जिला प्रशासन ने 12 नये कोविड केयर सेंटर बनाने का काम शुरू किया है। इनके बन जाने से मरीजों के लिये 2730 बेड की सुविधा बढ़ जाएगी। इसमें 760 में ऑक्सीजन की सुविधा होगी।

रायपुर कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने बताया कि फुंडहर के वर्किंग वीमन हाॅस्टल के कोविड केयर सेंटर में 270 बेड की व्यवस्था होगी। 15 बेड ऑक्सीजन की सुविधा युक्त होंगे। नवा रायपुर के होटल प्रबंधन संस्थान और आयुष विश्वविद्यालय के कोविड केयर सेंटर में 400-400 बेड की व्यवस्था होगी। हीरापुर कोविड केयर सेंटर में 300 बेड की व्यवस्था होगी, इसमें 15 ऑक्सीजन की सुविधा वाले होंगे। रायपुर के इनडोर स्टेडियम में 260 बेड की व्यवस्था होगी। इनमें से 50 बेड में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध होगी। सड्‌डू प्रयास बालक छात्रावास और गुढियारी में बने प्रयास बालिका छात्रावास में 300-300 बेड की व्यवस्था होगी।

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ESI अस्पताल भी बनेगा कोविड केयर सेंटर

कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने बताया, रायपुर के ESI हॉस्पिटल में भी कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। यहां 200 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें से 100 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा होगी।

सभी ब्लॉकों में 100 बेड की सुविधा रहेगी

रायपुर कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में 100 बेड की क्षमता वाले कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था की जा रही है। इन केंद्रों में 20-20 ऑक्सीजन युक्त बेड होंगे। इसके अलावा लालपुर के कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन की सुविधा वाले 100 बेड की व्यवस्था की जा रही है। रायपुर के आयुर्वेदिक कॉलेज स्थित कोविड केयर सेंटर में 400 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था होनी है।

रायपुर AIIMS ने बढ़ाया 20 ICU बेड

रायपुर AIIMS ने भी अपने यहां ICU बेड की संख्या 40 से बढ़ाकर 60 कर दी है। AIIMS कोरोना वार्ड में ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या भी बढ़ा रहा है। फिलहाल AIIMS के कोरोना सेक्सन में 363 बिस्तर मौजूद हैं। इसमें ICU बेड भी शामिल हैं। AIIMS की ओर से कहा गया है, लॉकडाउन के दौरान भी ऑनलाइन अपाॅइंटमेंट आधारित OPD और टेलिमेडिसिन सेवा जारी रहेगी। इस दौरान केवल ऐसी ही सर्जरी की जाएगी जो मरीज की जान बचाने के लिए जरूरी हो।

चार नए कारखानों को ऑक्सीजन बनाने की अनुमति मिली

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गुरुवार को 4 ऑक्सीजन प्लांट को मेडिकल ऑक्सीजन बनाने की अनुमति दी। इसमें से पंकज गैस को प्रतिदिन 500 से 700 सिलेंडर, नाहटा गैस को प्रतिदिन 100 से 200 सिलेंडर, गोदावरी गैस को 50 और अमृत गैस को 100 सिलेंडर प्रतिदिन आपूर्ति करना है। बताया जा रहा है कि आज एक और प्लांट की मेडिकल ऑक्सीजन बनाने की अनुमति मिल सकती है। इनका उत्पादन शुरू होने के बाद कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत कुछ कम होगी।

प्रदेश के अस्पतालों में अभी 3446 ऑक्सीजन वाले बेड

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बताया, अभी प्रदेश में 36 विशेषीकृत कोविड अस्पताल, 66 कोविड केयर सेंटर्स और 78 निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की सुविधा दी जा रही है। इनमें कुल 16207 बिस्तरों की व्यवस्था है। इनमें से 3446 बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा है। इनमें 902 HDU और 1167 ICU बिस्तर शामिल है।